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अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर संयुक्त श्रम भवन, बेगूसराय में जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन

न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर संयुक्त श्रम भवन, बेगूसराय में विविध जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के साथ प्रभात फेरी, शपथ ग्रहण समारोह, जागरूकता कार्यक्रम तथा जन-जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

जिला पदाधिकारी, बेगूसराय श्री श्रीकांत शास्त्री (भा.प्र.से.) के मार्गदर्शन तथा संयुक्त श्रम भवन परिसर से बाल श्रम उन्मूलन एवं बाल अधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता वाहन को श्रम अधीक्षक श्री रतीश कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर फैक्ट्री इंस्पेक्टर, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फैक्ट्री इंस्पेक्टर श्री प्रवीण कुमार ने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास में बाधक है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित बचपन का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल श्रम की रोकथाम हेतु प्रशासन का सहयोग करें तथा किसी भी बच्चे को श्रम में संलग्न पाए जाने पर संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें।

उन्होंने कहा कि बाल श्रम के विरुद्ध अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है तथा समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से ही बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

जागरूकता वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में भ्रमण कर बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा संशोधित अधिनियम, 2016 के प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों एवं शिक्षा के महत्व के संबंध में जन-जागरूकता फैलाएगा। वाहन के माध्यम से प्रचार सामग्री, ऑडियो संदेश तथा सूचना पत्रकों का भी वितरण किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पदाधिकारियों, कर्मियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बाल श्रम मुक्त बेगूसराय के निर्माण तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने हेतु सामूहिक संकल्प लिया।

इस अवसर पर श्रम अधीक्षक श्री रतीश कुमार ने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 एवं संशोधित अधिनियम, 2016 की धारा 3 एवं 3ए के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रतिष्ठान, दुकान, होटल, ढाबा, कल-कारखाना अथवा अन्य कार्यस्थल पर नियोजित करना तथा 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों को जोखिमपूर्ण कार्यों में नियोजित करना दण्डनीय अपराध है। ऐसे मामलों में नियोजकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिले में बाल श्रमिकों, किशोर श्रमिकों एवं बंधुआ श्रमिकों की पहचान एवं विमुक्ति हेतु विशेष धावा दल का संचालन किया जा रहा है। ढाबों, दुकानों, प्रतिष्ठानों, मोटर गैराजों, ईंट भट्ठों, बीड़ी उद्योगों तथा अन्य औद्योगिक इकाइयों में नियमित निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाए जा रहे हैं। बाल श्रम कराने वाले नियोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास हेतु सरकार द्वारा विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एम.सी. मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार मामले में पारित आदेश के अनुसार नियोजक से प्रति बाल श्रमिक 20,000 रुपये की राशि जिला बाल श्रमिक पुनर्वास कोष में जमा कराई जाती है। इसके अतिरिक्त पात्र बाल श्रमिकों को तत्काल सहायता के रूप में 3,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं।

बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत 14 वर्ष से कम आयु के विमुक्त बाल श्रमिकों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 25,000 रुपये की पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे किशोर, जिनका विवरण चाइल्ड लेबर ट्रैकिंग सिस्टम में दर्ज है, उन्हें भी समान रूप से मुख्यमंत्री राहत कोष से 25,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने बताया कि बाल कल्याण समिति एवं जिला टास्क फोर्स के माध्यम से विमुक्त बच्चों को शिक्षा, आवास, पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने की कार्रवाई की जाती है। जिला प्रशासन, श्रम विभाग एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से बाल श्रम उन्मूलन हेतु जागरूकता कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।

श्रम अधीक्षक ने सभी नियोजकों से अपील की कि वे बाल श्रम नहीं कराने संबंधी शपथ-पत्र संयुक्त श्रम भवन स्थित कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें तथा बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

कार्यक्रम में श्री अरविन्द कुमार सिंह (निरीक्षक, रेलवे पुलिस), श्री रामानन्द सागर (जिला मंत्री, श्रमिक संघ), श्री कौशल किशोर विकल (मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, वैशाली समाज कल्याण संस्थान), श्री उमेश चौधरी एवं डॉ. राजीव कुमार (बाल कल्याण समिति), श्री राजमणि रंजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

जिला प्रशासन, बेगूसराय बाल श्रम उन्मूलन तथा प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, स्वस्थ, शिक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

By National News Today

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