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आरा के निदान हॉस्पिटल में इलाज के नाम पर वसूली और मारपीट का आरोप, मरीज के परिजन का पैर टूटने का दावा

न्यूज़ डेस्क, भोजपुर/आरा, बबलू कुमार।।

@ नॉर्मल डिलीवरी के बाद नवजात को इमरजेंसी में भर्ती करने पर हुआ विवाद, अस्पताल प्रबंधन पर बयान बदलने का दबाव बनाने का भी आरोप; नगर थाना में केस दर्ज

बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर स्थित महावीर टोला के निदान हॉस्पिटल में इलाज के नाम पर कथित अवैध वसूली और मरीज के परिजन के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित सिकंदर कुमार ने अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इस घटना में उनका पैर टूट गया। मामले को लेकर आरा नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

नॉर्मल डिलीवरी के बाद नवजात को इमरजेंसी में भर्ती करने पर विवाद

जानकारी के अनुसार, भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत दुलहिन गंज टोला निवासी सिकंदर कुमार अपनी गर्भवती पत्नी को इलाज के लिए आरा के महावीर टोला स्थित निदान हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई और मां एवं बच्चा दोनों स्वस्थ थे।

आरोप है कि कुछ देर बाद अस्पताल कर्मियों ने नवजात की तबीयत खराब होने की बात कहकर उसे इमरजेंसी में भर्ती करने की आवश्यकता बताई। सिकंदर कुमार का आरोप है कि बच्चे की स्थिति सामान्य होने के बावजूद उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया और इसके बाद उनसे पैसे की मांग की गई।

इसी बात को लेकर जब उन्होंने सवाल उठाया तो अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। पीड़ित पक्ष का दावा है कि मारपीट में सिकंदर कुमार का पैर टूट गया।

शिकायत के बाद पुलिस कार्रवाई की मांग

घटना के बाद सिकंदर कुमार ने न्याय की गुहार लगाते हुए नवादा थाना में शिकायत की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शुरुआत में उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

इसके बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा के भोजपुर जिलाध्यक्ष रोहित कुशवाहा को मामले की जानकारी मिली। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और नवादा थाना प्रभारी से दूरभाष पर संपर्क कर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।

इसके बाद मामले में पुलिस कार्रवाई शुरू होने की बात सामने आई। जानकारी के अनुसार, निदान हॉस्पिटल से जुड़े मामले में आरा नगर थाना में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पीड़ित पर बयान बदलने का दबाव बनाने का आरोप

मामले में पीड़ित पक्ष ने अस्पताल प्रबंधन पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सिकंदर कुमार पर यह बयान देने का दबाव बनाया गया कि वह ठीक हैं और उनके साथ सब कुछ सामान्य हुआ है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना के बाद निजी अस्पतालों में मरीजों के उपचार, शुल्क निर्धारण और परिजनों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के भोजपुर जिलाध्यक्ष रोहित कुशवाहा ने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से निदान हॉस्पिटल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने अस्पताल के संचालन से संबंधित वैधानिक अनुमतियों की जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार

निजी अस्पतालों में मरीजों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर यह मामला कई अहम सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष, अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और संबंधित स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

By National News Today

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