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सड़क हादसे में घायलों को मिलेगा 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, बेगूसराय के अस्पतालों को सख्त निर्देश

न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।

@ पीएम राहत योजना के क्रियान्वयन को लेकर सिविल सर्जन ने की बैठक, EHR नहीं बनाने पर अस्पतालों की सूचीबद्धता हो सकती है समाप्त

बेगूसराय। जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय के निर्देश पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों के प्रबंधकों के साथ शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने तथा अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने पीएम राहत योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी घायल व्यक्ति को इलाज से वंचित होने से बचाना तथा गोल्डन आवर में त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करना है।

उन्होंने सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। मरीज के पास आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड नहीं होने पर भी पीएम राहत योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र मरीजों को कैशलेस उपचार की सुविधा दी जाए। बैठक में अपर जिला परिवहन पदाधिकारी सौरभ कुमार ने भी सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों के उपचार एवं योजना के तहत इलाज की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

EHR नहीं बनाने पर अस्पतालों की सूचीबद्धता हो सकती है समाप्त

सिविल सर्जन ने सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज का इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों की सूचीबद्धता समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

जिला कार्यक्रम समन्वयक, आयुष्मान भारत प्रभात कुमार ने कहा कि सभी सूचीबद्ध अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्रता की जांच करना अनिवार्य है। पात्र लाभार्थियों को योजना के प्रावधानों के अनुसार निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

वहीं, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी ने सभी अस्पतालों को परिवार कल्याण कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव से संबंधित प्रतिवेदन प्रत्येक माह की 2 तारीख तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

बैठक में डॉ. राजू, संचारी रोग पदाधिकारी, डॉ. संजय कुमार सिंह, गैर-संचारी रोग पदाधिकारी सहित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सभी अस्पतालों के प्रबंधक एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

By National News Today

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