प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बेगूसराय जिला प्रशासन, समेकित बाल विकास सेवा , स्वास्थ्य विभाग एवं पीरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष सामूहिक गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लिए प्रेरित करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने हेतु सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर आंगनवाड़ी केंद्रों को आकर्षक ढंग से सजाया गया तथा गर्भवती महिलाओं का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को पोषण युक्त खाद्य सामग्री एवं स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। साथ ही उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन, संस्थागत प्रसव तथा गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि प्रत्येक माह की 9 तारीख को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की जाती है। इस जांच के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जाता है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के संरक्षण में परिवार के सभी सदस्यों, विशेषकर पुरुषों की भूमिका पर भी विशेष बल दिया गया। उपस्थित लोगों को बताया गया कि गर्भवती महिलाओं को भावनात्मक सहयोग, पौष्टिक भोजन, समय पर स्वास्थ्य जांच तथा सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने में परिवार की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण जन-आंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है। अभियान के माध्यम से लाखों गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हुई हैं तथा सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
जिला पदाधिकारी, बेगूसराय ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि सुरक्षित मातृत्व एक साझा सामाजिक दायित्व है। प्रत्येक गर्भवती महिला को नियमित प्रसव पूर्व जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं से अनुरोध किया कि वे प्रत्येक माह की 9 तारीख को अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराएं तथा स्वस्थ मातृत्व एवं स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को साकार बनाने में सहभागी बनें।
कार्यक्रम में आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, पीरामल फाउंडेशन, आंगनवाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, जीविका दीदियों तथा स्थानीय समुदाय के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।
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