वीरपुर : बेगूसराय ::–
05 जुलाई 2019
सरकार जहां एक ओर स्वास्थ्य पर करोड़ों रूपये पानी की तरह बहा रही है।ताकि गरीब, जरूरत मन्दो को दवाई एवं इलाज समय पर हो सके। लेकिन सरकार के सारे प्रयास एवं दावे ढाक के तीन पात साबित हो रहे है।
इसका जीता जागता उदाहरण प्रखंड क्षेत्र के भवानंदपुर पंचायत भवन में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य उप केन्द्र भवानंदपुर का है।
जिसके कर्मियों ने वीरपुर प्रखड में डीएम साहब के आगमन की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य उपकेन्द्र में रखे गये हजारों रूपये मूल्य के दर्जनों कम्पनी की सरकारी दवाई फेक दिये। चूंकि उनको पता था कही साहब स्वास्थ्य उपकेंद्र पहूंच गये तो हम लोगों का गले की फासं बन जायेगी। इसलिए उन्होंने सभी टेबलेट, इंजेक्शन, नीडील, ओआर एस का घोल सहित कई तरह की दवाई पंचायत भवन के पीछे एवं चहारदीवारी के बीच फेंक दिया ताकि किसी को पता नहीं चल सके।

सबाल यह उठता है कि मरीजों के बीच बांटे जाने वाली दवाई आखिरकार फे़की क्यों गई। जबकि इस ग्रामीण इलाके में कितने गरीब जरूरतमंद दवाई एवं ईलाज के लिए तरसते रहते है। क्या स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इतने संवेदनहीन हो गये की मरीजों के बीच दवाई बांटने की फुर्सत नहीं है। ऐसे विभागीय कर्मी पर सरकार जब तक नकेल नहीं कसेगी तब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी। यही दवाई यदि जरूरत मंदो के बीच बांट दिया जाता तो कितने गरीबों की जान बच सकती थी।
वीरपुर प्रखंड के प्रमुख फूलन देवी ने इस संबंध मे जिला पदाधिकारी बेगूसराय को पत्र लिखकर संबंधित स्वास्थ्य विभाग के कर्मी पर विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

