बेगूसराय ::–
विजय कुमार सिंह ::–
18 दिसम्बर 2020, शुक्रवार
बरौनी रिफाइनरी द्वारा पहली बार ऑनलाइन वार्षिक प्रेस मीट का आयोजन शुक्रवार को किया गया। सुश्री शुक्ला मिस्त्री, कार्यपालक निदेशक एवं रिफ़ाइनरी प्रमुख, बरौनी रिफाइनरी ने आर के झा, मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी सेवा एवं एचएसई), ए के तिवारी, मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) और महाप्रबंधकगण की उपस्थिती में कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
बरौनी रिफाइनरी द्वारा अपने सभी हितधारकों को डिजिटाइज़ेशन को अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु एक और कदम बढ़ाते हुए ऑनलाइन प्रेस मीट का आयोजन किया गया। श्री बिक्रम ज़ेवियर बाबा, वरिष्ठ तकनीकी सेवा प्रबंधक ने बरौनी रिफाइनरी के प्रदर्शन पर प्रस्तुति दी जिसमें तकनीकी माईलस्टोन, वित्तीय हाइलाइट्स, विस्तार परियोजना और सामुदायिक विकास पहल शामिल थे। राष्ट्रीय न्यूज़ नेटवर्क, हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, प्रभात खबर, आज, राष्ट्रीय सहारा, सन्मार्ग, पीटीआई, कौमी तंज़ीम, पिंदार, रोज़नामा राष्ट्रीय सहारा, सहित प्रमुख अखबारों के ब्यूरो प्रमुख एवं संवाददाता उपस्थित थे। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की ओर से दूरदर्शन, ऑल इंडियन रेडियो, आज तक, एन डी टीवी, न्यूज़ 18 नेटवर्क, ज़ी न्यूज़, ईटीवी भारत, एबीपी न्यूज, इंडिया न्यूज, सहारा समय, न्यूज नेशन, सिटी न्यूज, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया, प्राइम न्यूज, जन टीवी, इत्यादि के संवाददाता ने प्रेस बैठक में भाग लिया। वहीं अंग्रेज़ी अख़बार से टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स एवं मार्निंग इंडिया के प्रतिनिधि भी सम्मिलित हुए।
सुश्री शुक्ला मिस्त्री, कार्यपालक निदेशक एवं रिफ़ाइनरी प्रमुख ने अपने संबोधन में बताया की लॉकडाउन के कारण देश में पेट्रोलियम उत्पादों में भारी कमी आई। पेट्रोल, डीज़ल और एटीएफ़ की मांग बुरी तरह प्रभावित हुई। जिसके कारण इंडियनऑयल के सभी रिफाइनरियों को 50% से भी कम थ्रुपुट पर चलना पड़ा। इस बीच घरेलू गैस एलपीजी के मांग में काफी तेज़ी से बढ़ोतरी हुई। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए इंडियनऑयल ने पूरी तैयारी की और देश की मांग को पूरा किया। मौजूदा परिदृष्य में देश में इंधन की मांगमें स्थिरता आने के साथ ही इंडियनऑयल की सभी रिफाइनरियॉं अब 100 प्रतिशत क्षमता के साथ परिचालित हो रही हैं । आने वाले वर्षों में वैश्विक बाजार में फॉसिल फ्यूल की हिस्सेदारी में लगातार गिरावट होने का अनुमान है । वैश्विक इंधन मांग में गिरावट या ज़्यादा से ज़्यादा पिछले साल की मांग तक पहुंचने की संभावना है, यह स्थिति 2035 तक यूंही रहने और उसके बाद फिर से नीचे गिरने का अनुमान है । इसके विपरीत, भारत में तेल की मांग 2050 तक मौजूदा स्तरों से मजबूती से बढ़ने की उम्मीद है ।
इस अवसर पर श्रीमती अंकिता श्रीवास्तव, प्रबंधक (सीसी) ने सभी मीडियाकर्मियों का बरौनी रिफ़ाइनरी को निरंतर सहयोग करने के लिए अभिवादन किया।


