@ पूमरे दैनिक रेल यात्री संघ ने रेल प्रशासन को सौंपने के लिए तैयार किया 6 सूत्री मांग पत्र, 15 दिनों में जवाब नहीं मिलने पर शांतिपूर्ण ‘रेल सत्याग्रह’ की चेतावनी
बेगूसराय, 10 अक्टूबर 2026। गंगा नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल (श्रीकृष्ण सेतु) का अपेक्षित लाभ बेगूसराय, बरौनी, खगड़िया और आसपास के क्षेत्रों के रेल यात्रियों को अब तक पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रहा है। इस मुद्दे को लेकर पूमरे दैनिक रेल यात्री संघ, बेगूसराय ने रेल प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें उठाने का निर्णय लिया है। संघ ने 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब और ठोस कार्ययोजना की मांग की है। निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आम यात्रियों के साथ शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ‘रेल सत्याग्रह’ शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
संघ के संस्थापक-सह-महासचिव राजीव कुमार ने बताया कि मांग पत्र रेल मंत्रालय, पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (हाजीपुर), पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (कोलकाता), संबंधित मंडल रेल प्रबंधकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भेजने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की बढ़ती यात्री जरूरतों को देखते हुए मुंगेर पुल के माध्यम से रेल सेवाओं का विस्तार आवश्यक है।
मुंगेर-बेगूसराय के बीच सीमित रेल सेवाओं से यात्रियों की परेशानी
संघ के अनुसार, मुंगेर (MGR) और बेगूसराय (BGS) के बीच वर्तमान में उपलब्ध सीमित रेल सेवाएं विद्यार्थियों, दैनिक यात्रियों, व्यापारियों, मरीजों और श्रमिकों की जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं। सुबह और दोपहर के समय ट्रेनों के बीच लंबे अंतराल के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
संघ ने उपलब्ध सेवाओं में जमालपुर-तिलरथ डेमू, भागलपुर-जयनगर एक्सप्रेस और गोड्डा-गोमती नगर साप्ताहिक एक्सप्रेस सहित संबंधित ट्रेनों का उल्लेख किया है। संघ का कहना है कि पुल के निर्माण के बाद क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुविधाजनक रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसका पूरा लाभ अभी तक नहीं मिल सका है।
संघ की प्रमुख मांगें
1. परिचालन का पूरा ब्योरा सार्वजनिक हो: मुंगेर पुल से प्रतिदिन गुजरने वाली यात्री और मालगाड़ियों की संख्या, रेलखंड की क्षमता तथा अतिरिक्त ट्रेनें चलाने में आ रही तकनीकी बाधाओं की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाए।
2. अतिरिक्त ट्रेनों का परिचालन: बेगूसराय और बरौनी के लिए अतिरिक्त पैसेंजर, मेमू/डेमू तथा नियमित एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने पर समयबद्ध निर्णय लिया जाए।
3. महानगरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी: मुंगेर पुल के रास्ते बेगूसराय और बरौनी से दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर और पुरी के लिए सीधी रेल सेवाओं की कार्ययोजना तैयार की जाए।
4. लंबित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की स्थिति स्पष्ट हो: जमालपुर-मुंगेर रेलखंड के दोहरीकरण, नए गंगा पुल और जमालपुर बाईपास की क्षमता, लागत तथा निर्माण की समयसीमा सार्वजनिक की जाए। साथ ही मौजूदा पुल के पूर्ण उपयोग की स्थिति स्पष्ट हो।
5. दोनों रेल जोनों के बीच समन्वय: पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर और पूर्व रेलवे, कोलकाता के अधिकारी संयुक्त बैठक कर रेल सेवाओं के विस्तार के लिए साझा कार्ययोजना बनाएं।
6. जवाबदेही और समयसीमा तय हो: संघ की सभी मांगों पर लिखित जवाब के साथ प्रस्तावित कार्रवाई और उसके क्रियान्वयन की तिथि-वार समयसीमा जनता के सामने रखी जाए।
दिल्ली के लिए 12 और कोलकाता के लिए 6 घंटे में पहुंचाने वाली ट्रेन की मांग
संघ ने हावड़ा और दिल्ली के लिए मुंगेर पुल के रास्ते प्रतिदिन कम से कम एक उपयुक्त और सुविधाजनक सुपरफास्ट रेल सेवा चलाने की विशेष मांग की है। संघ चाहता है कि इन ट्रेनों का समय यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप निर्धारित किया जाए।
प्रस्ताव के अनुसार, बेगूसराय से शाम 7 बजे रवाना होकर सुबह 7 बजे दिल्ली पहुंचने वाली तथा रात 11 बजे बेगूसराय से चलकर सुबह 5 बजे कोलकाता पहुंचने वाली रेल सेवा की संभावना पर विचार किया जाए। संघ ने इन सेवाओं के लिए सुविधाजनक समय-सारणी तैयार करने की मांग की है।
“आश्वासन नहीं, समयबद्ध समाधान चाहिए”
राजीव कुमार ने कहा कि संघ नई रेल परियोजनाओं का विरोधी नहीं है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि मौजूदा रेल बुनियादी ढांचे का लाभ आम यात्रियों को कितना मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पुल से गुजरने वाली ट्रेनों की संख्या, उपलब्ध क्षमता और परिचालन संबंधी बाधाओं की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
संघ के पदाधिकारी पंकज कुमार ने कहा, “रेल कनेक्टिविटी केवल सफर का जरिया नहीं, बल्कि क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की रीढ़ है। यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब और ठोस कार्ययोजना नहीं मिलती है, तो आम यात्रियों के साथ शांतिपूर्ण रेल सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।”
उन्होंने ट्रेनों के बीच लंबे अंतराल का उल्लेख करते हुए कहा कि सुबह 5:18 बजे के बाद अगली सेवा सुबह 9:25 बजे और दोपहर 1:18 बजे के बाद अगली सेवा शाम 6:30 बजे होने से यात्रियों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में विद्यार्थियों, मरीजों और दैनिक यात्रियों के लिए सुविधाजनक रेल सेवाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
संघ के पदाधिकारी राम सेवक कुमार स्वामी ने कहा कि मांगें व्यावहारिक हैं और इनका उद्देश्य सबसे पहले रेल परिचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। रेलवे यदि लिखित जवाब और स्पष्ट समयसीमा उपलब्ध कराता है, तो बातचीत के माध्यम से समाधान का रास्ता खुल सकता है। उन्होंने कहा कि रेल सत्याग्रह संघ का अंतिम और शांतिपूर्ण विकल्प होगा।
संघ ने रेल प्रशासन से अपील की है कि बेगूसराय और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि मुंगेर गंगा पुल का लाभ आम जनता तक पहुंच सके।
नेशनल न्यूज़ टुडे वेब पोर्टल के रूप में आप लोगों के बीच है। यह न्यूज़ पोर्टल "खबरें वही जो हो सही" को अक्षरसः पालन करते हुए, आपके बीच में सदैव ताजातरीन ख़बरों से अवगत कराते रहेंगे।