न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत चल रहे राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के दौरान बेगूसराय जिले को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। बरौनी प्रखंड के बरौनी-3 क्षेत्र स्थित मौलाना इसहाक उर्दू लाइब्रेरी में सैय्यद अख़्तर हुसैन के निजी संग्रह से क़ुरान एवं हदीस से संबंधित “तिरमिज़ी शरीफ” नामक एक दुर्लभ अरबी हस्तलिखित पांडुलिपि की पहचान की गई है, जिसकी आयु लगभग 350 वर्ष आंकी गई है। इस महत्वपूर्ण खोज को जिले की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

जिला पदाधिकारी बेगूसराय श्री श्रीकांत शास्त्री ने उक्त पांडुलिपि का अवलोकन किया तथा इसके ऐतिहासिक, धार्मिक एवं शैक्षणिक महत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की दुर्लभ पांडुलिपियां भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत एवं बौद्धिक इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण और प्रलेखन अत्यंत आवश्यक है।


