न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
बेगूसराय जिला प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही अभिभावकों के आर्थिक शोषण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी, बेगूसराय द्वारा जिले के सभी निजी प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि “बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019” के प्रावधानों के तहत कोई भी निजी विद्यालय किसी शैक्षणिक सत्र में अधिकतम 07 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि नहीं कर सकता है। इसके अतिरिक्त अगली कक्षा में प्रोन्नति के समय पुनः नामांकन शुल्क (Re-admission Fee) अथवा किसी भी प्रकार का कैपिटेशन शुल्क लेना पूर्णतः प्रतिबंधित एवं दंडनीय माना जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी स्थान से पाठ्य-पुस्तकें, विद्यालयी ड्रेस तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री क्रय करने के लिए स्वतंत्र हैं। किसी भी विद्यालय द्वारा किसी विशेष दुकान या संस्थान से सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
इसके अतिरिक्त सभी निजी विद्यालयों को अपने ड्रेस कोड (यूनिफॉर्म) के स्वरूप में कम से कम तीन वर्षों तक कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि सभी विद्यालय 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से अपनी वेबसाइट तथा विद्यालय के सूचना पट्ट पर कक्षावार पुस्तकों की सूची, ड्रेस की विशिष्टता (Specifications) एवं पूर्ण शुल्क विवरणी प्रदर्शित करेंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि उक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रथम उल्लंघन की स्थिति में न्यूनतम एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा, जबकि पुनरावृत्ति होने पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बावजूद यदि नियमों की निरंतर अवहेलना की जाती है तो संबंधित विद्यालय की प्रस्वीकृति (Recognition) रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
आदेश के अनुपालन हेतु सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने तथा दैनिक प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आरक्षित सीटों (25 प्रतिशत) पर नामांकन सुनिश्चित नहीं करने अथवा नियमों के विरुद्ध किसी प्रकार की गतिविधि पाए जाने को भी प्रस्वीकृति की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।

