न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
बेगूसराय जिले के बरौनी रिफाइनरी ने PNGRB और अन्य कानूनी व नियामक प्रावधानों के अनुसार 22 सितंबर 2026 को अपनी Q2 (2026–27) ऑनसाइट डिज़ास्टर मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक आयोजित की।
यह तिमाही अभ्यास रिफाइनरी की आपातकालीन तैयारी, प्रतिक्रिया समय, अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल और आपदा प्रबंधन क्षमताओं की बारीकी से जांच करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। साथ ही, इसका उद्देश्य ‘आपातकालीन प्रतिक्रिया और आपदा प्रबंधन योजना’ (ERDMP) को और मजबूत करना भी था।

यह ड्रिल NHT – CCRU यूनिट में अचानक आग लगने और जेट फायर की काल्पनिक स्थिति पर आधारित थी। यह घटना 902-V-01 (फीड सर्ज ड्रम) के बाद लगी 8-इंच की आउटलेट लाइन पर फ्लैंज लीक से शुरू हुई थी।
दोपहर 3:30 बजे, गैस डिटेक्टर ने DCS में अलार्म बजाया। फील्ड ऑपरेटर ने तुरंत स्थिति की जांच की और बताया कि टेक्निकल स्ट्रक्चर के पास नेफ्था का भारी रिसाव हो रहा है और वाष्प का बड़ा बादल बन गया है।
आपातकालीन प्रतिक्रिया तुरंत शुरू की गई; दोपहर 3:35 बजे MCP-07 एक्टिवेट किया गया और शिफ्ट-इन-चार्ज प्रभावित इलाके की ओर बढ़े। फायर टेंडर तुरंत तैनात किए गए और स्थिति का आकलन करने के बाद ERDMP लागू किया गया।
आपातकालीन आपदा प्रबंधन टीम ने तेज़ी, अनुशासन और आपसी तालमेल के साथ प्रतिक्रिया दी। वैकल्पिक ERDMP कोऑर्डिनेटर्स ने NHT -CCRU इलाके में अहम कामों की जिम्मेदारी संभाली, जबकि काल्पनिक आग बुझाने, प्रोसेस आइसोलेशन, बचाव कार्य, आपातकालीन संचार और सुरक्षा उपायों को आपसी तालमेल के साथ अंजाम दिया गया। इस अभ्यास में आपसी सहयोग और तालमेल का भी बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला; NTPC बरौनी और HURL बरौनी की फायर टेंडर्स ने इस ड्रिल में हिस्सा लिया और बड़ी अपात्कालिक स्थिति के दौरान आस-पास की इंडस्ट्रीज़ के साथ मिलकर आसानी से काम करने की रिफ़ाइनरी की क्षमता को और मज़बूत किया।


