न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
कला एवं संस्कृति विभाग, बेगूसराय के तत्वावधान में “वर्तमान समय में पटना कलम शैली : नव सृजन” विषय पर दस दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ बेगूसराय संग्रहालय परिसर में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री श्याम कुमार साहनी, वरिष्ठ चित्रकार श्री इंद्रमोहन प्रसाद, श्री मनीष कुमार कौशिक, श्री प्रवीण कुमार, श्री दुर्गेश नंदन तथा मुंगेर के सहायक कर आयुक्त एवं प्रशिक्षक श्री बिरेंद्र कुमार नागर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उद्घाटन अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने पटना कलम शैली की समृद्ध कलात्मक परंपरा, ऐतिहासिक महत्व तथा इसके संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिहार की यह विशिष्ट चित्रकला शैली भारतीय कला विरासत की अमूल्य धरोहर है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समकालीन संदर्भों में विकसित करने की आवश्यकता है।

कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री श्याम कुमार साहनी ने कार्यशाला के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रतिभागियों को पटना कलम शैली की प्रमुख विशेषताओं, पारंपरिक तकनीकों तथा वर्तमान समय में इसके नवाचारपूर्ण प्रयोगों से परिचित कराना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि दस दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में कलाकारों, कला विद्यार्थियों एवं कला-प्रेमियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों की सृजनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करते हुए इस महत्वपूर्ण लोक एवं पारंपरिक कला शैली के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष बल दिया जाएगा।
कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति जगत से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों, कलाकारों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। बेगूसराय संग्रहालय परिसर में आयोजित यह कार्यशाला आगामी दस दिनों तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से 11:00 बजे तक विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों, संवाद कार्यक्रमों तथा रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से संचालित की जाएगी।


