न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
बेगूसराय जिले के सभी अनुमंडल क्षेत्र में संचालित बुनियाद केंद्रों में आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दृष्टि दोष निवारण हेतु विशेष नेत्र जांच शिविर का आयोजन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया गया है। इस शिविर के माध्यम से जिले के नागरिकों की आंखों की जांच की जा रही है तथा जांच उपरांत आवश्यकता के अनुसार योग्य लाभुकों को निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला प्रबंधक, सक्षम बेगूसराय ने बताया कि यह विशेष शिविर अगले एक माह तक संचालित किया जाएगा। शिविर के सफल संचालन के लिए संबंधित बुनियाद केंद्र प्रतिदिन खुले रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस जनोपयोगी सुविधा का लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि आज दिनांक 06.04.2026 को शिविर के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लाभुकों की आंखों की जांच की गई है तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा । आज मंझौल अनुमंडल स्थित चेरिया बरियारपुर बुनियाद केंद्र में 49 लाभुकों की जांच की गई, जिनमें से 44 को चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा, तेघड़ा अनुमंडल में 67 लाभुकों की जांच की गई, जिनमें 57 लाभुकों को चश्मा प्रदान किया जाएगा, सदर अनुमंडल के मटिहानी स्थित बुनियाद केंद्र में 42 लाभुकों की जांच की गई, जिनमें 34 को चश्मा दिया जाएगा, बलिया अनुमंडल के सहेबपुर कमाल स्थित बुनियाद केंद्र में 47 लाभुकों की जांच की गई, जिनमें 41 को चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार बखरी अनुमंडल में 50 लाभुकों की जांच की गई और सभी 50 लाभुकों को चश्मा प्रदान किया जाएगा । शिविर के अनुश्रवण करने के लिए मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सक्षम, बिहार के निदेश पर कार्यक्रम प्रबंधक सी एंड आर श्री रणजीत कुमार ने आज सभी बुनियाद केंद्र पर संचालित शिविर की समीक्षा की।

बुनियाद केंद्र के नोडल पदाधिकारी-सह-सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, बेगूसराय ने जिले के आमजन से अपील की है कि वे अपने नजदीकी बुनियाद केंद्र पहुंचकर अपनी आंखों की जांच अवश्य कराएं। उन्होंने बताया कि पंजीकरण हेतु आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल समाज के सभी वर्गों, विशेषकर जरूरतमंद एवं योग्य लाभुकों को दृष्टि संबंधी समस्याओं से राहत प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक पात्र नागरिक इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकें और उनकी दृष्टि संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान हो।

