Sun. Feb 22nd, 2026

बेगूसराय जिले के ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव तथा प्रखंड/पंचायत कार्यपालक सहायकों का आयोजित हुआ एकदिवसीय प्रशिक्षण

न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।

बेगूसराय जिले के सभी ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव तथा प्रखंड/पंचायत कार्यपालक सहायकों के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) एवं सतत विकास के लक्ष्यों के स्थानीयकरण (Localization of Sustainable Development Goals) विषयों पर एक दिवसीय जिला स्तरीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत संसाधन केंद्र (DPRC), कंकौल, बेगूसराय में प्रारंभ किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी, जिला पंचायत संसाधन केंद्र, बेगूसराय डॉ० गोपाल मिश्रा, यूनिसेफ एवं पिरामल फाउंडेशन के आमंत्रित प्रशिक्षकों तथा महिला मुखिया द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

दिनांक 05 जनवरी 2026 को प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बेगूसराय जिले के सदर प्रखंड सहित वीरपुर, भगवानपुर एवं तेघड़ा प्रखंड के ग्राम पंचायत मुखिया, पंचायत सचिव एवं प्रखंड कार्यपालक सहायकों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) निर्माण की प्रक्रिया, स्वस्थ ग्राम पंचायत की अवधारणा एवं इससे जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला पंचायत संसाधन केंद्र, बेगूसराय के मास्टर प्रशिक्षक श्री प्रवीण कुमार तथा पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रतिनिधि ज्ञानोदय प्रकाश एवं दीपक कुमार मिश्रा द्वारा स्वस्थ पंचायत से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही, आपदा जोखिम न्यूनीकरण को ध्यान में रखते हुए जोखिम-सूचित ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया एवं उससे संबंधित गतिविधियों के बारे में यूनिसेफ के पदाधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई।

GPDP प्रशिक्षण के माध्यम से मुखियाओं को यह समझाया गया कि पंचायत की योजनाएं किस प्रकार स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाएं, जिससे पंचायतें आत्मनिर्भर, स्वच्छ एवं सतत विकास की दिशा में अग्रसर हो सकें। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत की योजनाओं को जनभागीदारी आधारित, डेटा-आधारित एवं स्थानीय समस्याओं के समाधान पर केंद्रित बनाना है।

प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ० गोपाल मिश्रा ने ग्राम पंचायत मुखियाओं एवं अन्य प्रतिभागियों से GPDP योजना में “स्वस्थ ग्राम” थीम का चयन करते हुए उसके संकेतकों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने का अनुरोध किया। उन्होंने पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देने, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का नियमित अनुश्रवण करने तथा जन आरोग्य समिति की प्रत्येक माह नियमित बैठक सुनिश्चित करने पर बल दिया।

जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्रीमती पूजा प्रीतम ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में GPDP के माध्यम से योजनाबद्ध एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से आज चार प्रखंडों के ग्राम पंचायत मुखिया, पंचायत सचिव एवं अन्य कर्मियों के लिए GPDP निर्माण प्रक्रिया एवं स्वस्थ ग्राम पंचायत GPDP विषय पर यह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण से पंचायत स्तर पर सतत विकास, पारदर्शिता एवं जनभागीदारी को सुदृढ़ किया जा सकेगा ।

उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के अंतर्गत राज्य पंचायत संसाधन संस्था, पंचायत राज विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में यह प्रशिक्षण जिले की सभी ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों को चरणबद्ध रूप से प्रदान किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायत संसाधन केंद्र के प्रबंधक प्रवीण कुमार, रवि कुमार, मिनु रानी, अविनाश कुमार, संजय कुमार, राजीव कुमार सहित पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रतिनिधि ज्ञानोदय प्रकाश, दीपक मिश्रा, आरती शर्मा, नेहा सिंह तथा यूनिसेफ के पदाधिकारी श्री राजीव कुमार, डीआरआर ऑफिसर, यूनिसेफ, पटना, श्री विरेंद्र पांडेय, कंसल्टेंट, यूनिसेफ एवं अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

By National News Today

नेशनल न्यूज़ टुडे वेब पोर्टल के रूप में आप लोगों के बीच है। यह न्यूज़ पोर्टल "खबरें वही जो हो सही" को अक्षरसः पालन करते हुए, आपके बीच में सदैव ताजातरीन ख़बरों से अवगत कराते रहेंगे।

Related Post

You Missed