न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
@ विशेषज्ञों ने बदलते स्वास्थ्य क्षेत्र में फिजियोथेरेपी की बढ़ती भूमिका पर डाला प्रकाश
बेगूसराय में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर IAP बेगूसराय की ओर से फिजियोथेरेपी के महत्व, आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में इसकी बढ़ती भूमिका और जन-जागरूकता को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों, फिजियोथेरेपिस्टों, मरीजों, सेरेब्रल पाल्सी (CP) से प्रभावित बच्चों, अभिभावकों तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए IAP बेगूसराय की सचिव डॉ. गुंजन कुमारी ने कहा कि फिजियोथेरेपी आज स्वास्थ्य सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। यह केवल दर्द कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज की गतिशीलता, कार्यक्षमता, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बदलती जीवनशैली के कारण कमर, गर्दन, कंधे और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में लोगों को समय रहते चिकित्सकीय सलाह और उचित फिजियोथेरेपी सेवाएं लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों, खिलाड़ियों, दिव्यांगजनों और विभिन्न शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से CP से प्रभावित बच्चों के लिए नियमित पुनर्वास, परिवार की सक्रिय भागीदारी और निरंतर फिजियोथेरेपी के महत्व पर उन्होंने प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में सदर अस्पताल के सेवानिवृत्त वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेंद्र प्रसाद सिंह ने अपने लंबे चिकित्सा अनुभव को साझा किया। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद फिजियोथेरेपी के क्षेत्र से जुड़े अपने सफर पर चर्चा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा में उपचार के साथ मरीज को दोबारा सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाना भी महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
डॉ. संतोष ने फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास के महत्व पर विचार रखते हुए कहा कि मरीज की कार्यक्षमता में सुधार और उसे सामान्य जीवन में वापस लाना स्वास्थ्य सेवा का महत्वपूर्ण लक्ष्य होना चाहिए।

डॉ. नवीन ने फिजियोथेरेपी को आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था का महत्वपूर्ण सहयोगी बताया। उन्होंने लोगों से शारीरिक समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करने तथा नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ विशेषज्ञ की सलाह लेने की अपील की।
वहीं डॉ. ज्योति ने महिलाओं एवं सामान्य मरीजों में फिजियोथेरेपी की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय पर उचित पुनर्वास सेवाएं मरीजों को अपनी दैनिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से करने में मदद करती हैं।
डॉ. एजाज ने स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी पर चर्चा करते हुए खिलाड़ियों में चोट से बचाव, चोट के बाद सुरक्षित रूप से खेल में वापसी तथा प्रदर्शन को बनाए रखने में फिजियोथेरेपी की भूमिका बताई।
डॉ. आनंद कुमार ने फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में हो रहे बदलावों और आम लोगों तक इसकी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में खगड़िया के सरकारी चिकित्सक डॉ. एजाज ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि फिजियोथेरेपी अब किसी एक बीमारी या आयु वर्ग तक सीमित नहीं है। उन्होंने देश-विदेश में फिजियोथेरेपी विभाग के विकास, आधुनिक पुनर्वास सेवाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था में फिजियोथेरेपिस्ट की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की।


