न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
बेगूसराय जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में विकसित बिहार के 7 निश्चय एवं 7 निश्चय-2 के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में युवाओं के कौशल विकास, उच्च शिक्षा एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं की प्रगति, वित्तीय उपलब्धियों तथा राज्य स्तरीय रैंकिंग की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक प्रभावी ढंग से पहुँचना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने दिया जाए।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुशल युवा कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित 15,600 के लक्ष्य के विरुद्ध 26,572 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 26,556 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 5,982 के लक्ष्य के विरुद्ध 5,814 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5,739 आवेदनों को स्वीकृत किया गया। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल माह में प्राप्त 75 आवेदनों का शत-प्रतिशत निष्पादन किया गया।
बैठक में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित 3,450 के लक्ष्य के विरुद्ध 4,528 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3,684 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। समीक्षा के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि राज्य स्तर पर सॉफ्टवेयर संबंधी तकनीकी समस्या के कारण अप्रैल 2026 से योजना के अद्यतन कार्य प्रभावित हैं। इस पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को राज्य मुख्यालय के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर तकनीकी समस्या के शीघ्र समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि तकनीकी अथवा दस्तावेजीय त्रुटियों के कारण लंबित अथवा अस्वीकृत आवेदनों के मामलों में आवेदकों से सीधे संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा राज्य शिक्षा वित्त निगम को समय पर अनुशंसा भेजने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण का लाभ समय पर प्राप्त हो सके।
बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

