न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
@ जिस घर में माँ होती है, वहाँ खुशियाँ खुद रास्ता ढूँढ लेती हैं”
@ माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल में भावनाओं, प्रेम और सम्मान के साथ मनाया गया मदर्स डे
माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल में मदर्स डे अत्यंत भव्य, भावनात्मक और यादगार तरीके से मनाया गया। पूरा विद्यालय परिसर माँ के प्रेम, ममता और सम्मान के रंगों से सराबोर दिखाई दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अभिभावकों की आँखों में खुशी और गर्व साफ झलक रहा था।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिखा मैडम (पत्नी, एसपी बेगूसराय), अंशु श्वेता (पत्नी, बीएमपी कमांडेंट, बेगूसराय), निधि सिंह (HFCL Head, बरौनी यूनिट) एवं सीमा मैडम (एडवोकेट एवं SMC सदस्य) उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का आरंभ “कान्हा सो जा ज़रा” की मनमोहक प्रस्तुति से हुआ, जिसे किडज़ी एवं माउंट लिट्रा की माताओं ने अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत कर वातावरण को भावुक और भक्तिमय बना दिया।
इसके बाद नन्हे बच्चों ने “नन्ही सी परी”, “पालना है बादलों का”, “तेरी उंगली पकड़ के चला” और “जनम-जनम तू मेरे साथ है” जैसे गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी अभिभावकों का दिल जीत लिया। बच्चों की प्यारी प्रस्तुतियों और मासूम अदाओं ने पूरे माहौल को तालियों और खुशियों से भर दिया।

कक्षा 4 टेडी के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली सोशल मीडिया एक्ट प्रस्तुत कर यह संदेश दिया कि आज के समय में इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किस प्रकार बच्चों के जीवन पर प्रभाव डाल रहे हैं। बच्चों ने अभिनय के माध्यम से परिवार, संवाद और माँ के महत्व को बहुत ही सुंदर तरीके से दर्शाया।
इसके अलावा “मैं कभी बतलाता नहीं”, “अभी मुझ में कहीं” जैसी भावनात्मक प्रस्तुतियाँ कक्षा 6 बनी के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गईं, जिसने उपस्थित सभी माताओं को भावुक कर दिया। वहीं कक्षा 7 द्वारा प्रस्तुत “चंदा रे” एवं कक्षा 6 बनी की “मैया तेरी जय जयकार” प्रस्तुति ने पूरे कार्यक्रम को और भी भव्य एवं यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यह रहा कि विद्यार्थियों की माताओं ने भी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम को भरपूर सराहना मिली। विद्यालय का माहौल प्रेम, अपनापन और भावनाओं से भरा हुआ दिखाई दिया।
विद्यालय की प्राचार्या डॉ. शीतल ने अपने संबोधन में कहा, “माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम और प्रेरणा का सबसे सुंदर रूप है। बच्चों के जीवन की पहली शिक्षक उनकी माँ होती हैं, जो हर परिस्थिति में उनका मार्गदर्शन करती हैं।”

विद्यालय के निदेशक डॉ. मनीष देवा ने कहा, “माँ परिवार की वह शक्ति है, जो बिना किसी अपेक्षा के अपने बच्चों के सपनों को संवारती है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपनी संस्कृति, परिवार और मूल्यों से जोड़ते हैं।” इस कार्यकम के सफल आयोजन पर ख़ुशी ज़ाहिर की ।
डॉ. सरिशा शैरी देवा ने अपने भावुक संदेश में कहा, “माँ का प्रेम जीवन की सबसे बड़ी ताकत है। माँ बच्चों के जीवन में विश्वास, साहस और संवेदनाओं का बीज बोती है। दुनिया में माँ से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता।”
यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि माँ के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता की एक भावनात्मक अभिव्यक्ति बन गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने दिल से महसूस किया।

