बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
देश के क्रांतिवीर उधम सिंह का 83 वीं शहीद दिवस शाहिद सुखदेव सिंह समन्वय के द्वारा सुखदेव सभागार सर्वोदय नगर बेगूसराय में मनाई गई। जिसकी अध्यक्षता शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि शहीद उधम सिंह देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए पकड़े गए और 31 जुलाई 1940 को उन्हें जेल में फांसी दे दी गई। क्रांतिकारी को हम सब सदा याद करते रहेंगे।अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, खुदीराम बोस, बटुकेश्वर दत्त आदि क्रांतिकारीयों ने अपने देश की आजादी के लिए कुर्बान हो गए। वे ऐसे महान क्रांतिकारी जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और जालियांवाला बाग हत्याकांड के मुख्य उत्तराधिकारी जनरल डायर ने निर्दोष भारतीयों को अंधाधुंध गोलियों चलवाई जिसको देखकर उधम सिंह ने कसम खाई कि मैं इंग्लैंड जाकर डायर को गोली मारूंगा , वे अपना प्रतिज्ञा इंग्लैंड जाकर पूरा किए। ऐसे महापुरुष क्रांतिकारी को शत-शत नमन करते हैं।
इस अवसर पर डॉक्टर चंद्रशेखर चौरसिया ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में उधम सिंह का बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा पूरी की। दुनिया को संदेश दिया कि अत्याचारों को भारतीय वीर कभी माफ नहीं कर सकते नहीं करते। आज की क्रांतिकारियों को उनसे सीख लेनी चाहिए।
इस अवसर पर नगर निगम के पूर्व मेयर आलोक कुमार अग्रवाल ने कहा कि सच्चे देश भक्तों मैं दुश्मनों के प्रति प्रतिरोधक की ज्वाला धधकती रहती है । यही ज्वाला जनरल डायर की हत्या का गवाह बना। आज आज उनकी 83 वीं शहादत दिवस मना रहे हैं और उनको नमन कर रहे हैं।
महिला सेल सचिव सुनीता देवी ने कहा कि शहीद उधम सिंह हमारे देश क्रांति वीरों से भरा है एक क्रांति क्रांतिकारी वीर की शहादत होती है तो हजार क्रांतिवीर जन्म ले लेते हैं । उन को मेरा शत शत नमन।
इस अवसर पर समिति के जिला अध्यक्ष सुशील कुमार राय, राजेंद्र महतो अधिवक्ता, राजकुमार आज दिनांक 31 जुलाई 2023 को देश के क्रांतिवीर उधम सिंह का 83 वीं शहीद दिवस शाहिद सुखदेव सिंह समन्वय के द्वारा सुखदेव सभागार सर्वोदय नगर बेगूसराय में मनाई गई। जिसकी अध्यक्षता शिक्षक एफसीनेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने की अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि शहीद उधम सिंह देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए पकड़े गए और 31 जुलाई 1940 को उन्हें पेंशन वाले जेल में फांसी दे दी गई क्रांतिकारी को हम सब सदा याद करते रहेंगे।अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, खुदीराम बोस, बटुकेश्वर दत्त आदि क्रांतिकारीयों ने अपने देश की आजादी के लिए कुर्बान हो गए।वे ऐसे महान क्रांतिकारी जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और जालियांवाला बाग हत्याकांड के मुख्य उत्तराधिकारी जनरल डायर ने निर्दोष भारतीयों को अंधाधुंध गोलियों चलवाई जिसको देखकर उधम सिंह ने कसम खाई कि मैं इंग्लैंड जाकर डायर को गोली मारूंगा , वे अपना प्रतिज्ञा इंग्लैंड जाकर पूरा की किए ऐसे महापुरुष क्रांतिकारी को शत-शत नमन करते हैं।

इस अवसर पर पूर्व परिषद के मेयर आलोक कुमार अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में उधम सिंह का बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा पूरी की दुनिया को संदेश दिया कि अत्याचारों को भारतीय वीर कभी माफ नहीं कर सकते नहीं करते। आज की क्रांतिकारियों को उनसे सीख लेनी चाहिए।
इस अवसर पर अभिनेता अमिय कश्यप ने कहा कि सच्चे देश भक्तों मैं दुश्मनों के प्रति प्रतिरोधक की ज्वाला धधकती रहती है । यही ज्वाला जनरल डायर की हत्या का गवाह बना। आज आज उनकी 83वीं शहादत दिवस मना रहे हैं और उनको नमन कर रहे हैं।
महिला सेल सचिव सुनीता देवी ने कहा कि शहीद उधम सिंह हमारे देश क्रांति वीरों से भरा है एक क्रांति क्रांतिकारी वीर की शहादत होती है तो हजार क्रांतिवीर जन्म ले लेते हैं । उन को मेरा शत शत नमन।
इस अवसर पर दधिचि देह दन समिति के जिला अध्यक्ष सुशील कुमार राय, राजेंद्र महतो अधिवक्ता, शिक्षक, अमर कुमार, आलोक कुमार, अभिषेक कुमार पाठक, अनिकेत कुमार पाठक, राजा कुमार ,विवेक कुमार राजा कुमार आदि ने उनको याद किया।

