बेगूसराय। मिथिला की पावन कल्पस्थली सिमरिया धाम में राजकीय सिमरिया कल्पवास मेला-2026 का शुभारंभ 18 अक्टूबर से होगा। मेला 24 नवंबर, कार्तिक पूर्णिमा तक चलेगा। लाखों श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और साधु-संतों के आगमन की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, यातायात और विधि-व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं।
जिला पदाधिकारी रिची पांडेय और पुलिस अधीक्षक मनीष के संयुक्त आदेश से मेला अवधि के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 10 वॉच टावर, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और प्रमुख स्नान पर्वों पर ड्रोन कैमरों की व्यवस्था की गई है।
24 घंटे सक्रिय रहेगा केंद्रीय नियंत्रण कक्ष
सिमरिया घाट स्थित प्रशासनिक भवन में केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो मेला अवधि में चौबीसों घंटे संचालित रहेगा। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए यहां गुमशुदा तलाश केंद्र भी बनाया गया है। बच्चों और बुजुर्गों के बिछड़ने की स्थिति में केंद्र के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों को सौंपी गई है।
105 खालसाओं के लिए शौचालय और चापाकल की व्यवस्था
कल्पवासियों की सुविधा के लिए 105 खालसाओं में 300 अस्थायी शौचालय और 200 चापाकल लगाए गए हैं। इसके अलावा नवनिर्मित धर्मशाला के समीप 40 तथा मेला क्षेत्र और प्रशासनिक परिसर में 100 अस्थायी शौचालय एवं 100 चापाकल की व्यवस्था की गई है। साफ-सफाई के लिए मेला क्षेत्र को चार जोन में बांटा गया है। नगर निगम बेगूसराय, नगर परिषद बीहट तथा बरौनी एवं तेघड़ा के सफाईकर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है।
19 स्नान घाट, एसडीआरएफ और गोताखोर रहेंगे तैनात
श्रद्धालुओं के गंगा स्नान के लिए 19 घाट तैयार किए गए हैं। घाटों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी और वस्त्र बदलने के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई है। संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के लिए संवेदनशील घाटों पर एसडीआरएफ की टीम, मोटर बोट, लाइफ जैकेट और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
25 बेड का अस्थायी अस्पताल तैयार
मेला क्षेत्र में 25 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया गया है। यहां चिकित्सक, पैरामेडिकल कर्मी, जीवनरक्षक दवाएं, एम्बुलेंस और मोबाइल मेडिकल टीम चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी। प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान घाटों के समीप अतिरिक्त स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे।
पार्किंग, ड्रॉप गेट और अग्निशमन की व्यवस्था
यातायात नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप तीनमुहानी और बिंदटोली चौराहे से पहले ड्रॉप गेट बनाए गए हैं। सिक्स लेन पुल के नीचे विशाल पार्किंग स्थल तैयार किया गया है। अग्नि सुरक्षा के लिए नियंत्रण कक्ष के पास दमकल वाहन और 10 अग्निशमन यंत्र तैयार रखे गए हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी रहेगी।
छठ, परिक्रमा और कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़ेगी भीड़
मेला अवधि में कई महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन होंगे। प्रथम परिक्रमा 5 नवंबर, दीपावली 8 नवंबर और द्वितीय परिक्रमा 12 नवंबर को निर्धारित है। छठ महापर्व के तहत 13 नवंबर को नहाय-खाय, 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को प्रातः अर्घ्य दिया जाएगा। तृतीय परिक्रमा 20 नवंबर तथा कार्तिक पूर्णिमा का महास्नान 24 नवंबर को होगा।
पूरे मेला अवधि में प्रतिदिन गंगा आरती आयोजित की जाएगी। महत्वपूर्ण तिथियों पर सांस्कृतिक संध्या और भक्ति कार्यक्रम भी होंगे, जिनमें स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
श्रद्धालुओं से सुरक्षा निर्देशों के पालन की अपील
जिला प्रशासन ने कल्पवासियों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए शांति, सौहार्द, स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। श्रद्धालुओं से कहा गया है कि गंगा स्नान के दौरान बैरिकेडिंग और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की सूचना केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को दें। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी का भरोसा दिलाया है।
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