ब्युरो प्रमुख – चन्द्र प्रकाश राज ,
जैन सम्प्रदाय के पर्युषण पर्व के दौरान पशु – वध व मांस बिक्री पर रोक की उठी मांग
सेंट्रल डेस्क : जैन सम्प्रदाय द्वारा देश भर में पर्युषण पर्व मनाया जाता है जो दस दिनों तक चलता है। जैन सम्प्रदाय के सिद्धान्तों में अहिंसा को अत्यन्त महत्वपूर्ण माना गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पर्युषण पर्व के दौरान पशु-वध करने और माँस बिक्री करने से मना किया गया है। इस संदर्भ में भारत सरकार के मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड द्वारा पत्रांक-6-1/2020-21/एडवाइजरी दिनांक 06‐08-2020 द्वारा सभी स्थानीय निकायों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दिया गया है।
इस संबंध में मानद जिला जीव जंतु कल्याण पदाधिकारी जयप्रकाश उर्फ प्रह्लाद चौरसिया ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और आग्रह किया कि दिनांक 15.08.2020 से 24.08.2020 तक पर्युषण पर्व के दौरान जिले में मांस बिक्री पर रोक लगाई जाय। साथ में, जीव-जंतु कल्याण बोर्ड का पत्र एवं सर्वोच्च न्यायालय के न्यायादेश की एक प्रति भी सौंपी गई। पर्युषण पर्व आध्यात्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से आत्मा की शुद्धि का पर्व है, इसका मुख्य उद्देश्य आत्मा के विकारों को दूर करना है। ज्ञापन सौंपते हुए आशा व्यक्त की कि इससे पर्युषण पर्व साम्प्रदायिक सद्भाव के साथ हर्षोल्लास एवं निष्ठापूर्वक मनाया जा सकेगा।
मानद जिला जीव-जंतु कल्याण पदाधिकारी के साथ माँझी विधानसभा के मानद पशु कल्याण अधिकारी रंजीत कुमार सिंह भी उपस्थित थे, इसके साथ मोहन प्रसाद यादव, रजनीश सुधाकर एवं प्रेम गुप्ता भी उपस्थित थे।

