@ जल जीवन हरियाली कार्यक्रम से हुए आहर की खुदाई में संवेदक के द्वारा घोर लापरवाही के कारण हजारों बीघा फसल नुकसान होने के कगार पर। सरकार के प्रति किसानों में आक्रोश
सहार-भोजपुर ::–
बबलू कुमार/एहराज अहमद :–
25 जुलाई 2020 शनिवार
भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के बजरेयां गाव में वर्षा के जल की निकासी नहीं होने से किसानों के सैकड़ों बीघे में लगी फसल बरबाद होने के कगार पर है, जिसको लेकर किसान खासे नाराज़ हैं।
बजरेयां गांव में आहर उड़ाही के बाद पानी की निकासी नहीं होने से किसानों में संवेदको एवं लघु सिंचाई विभाग के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। आपको बताते चलें कि भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के बजरेयां गांव के नजदीक चभर वाली 5 किलोमीटर लंबी आहार कि उड़ाही का कार्य जल जीवन हरियाली योजना के अंतर्गत कराई गई थी। जिसकी प्रक्कलित राशि 60 लाख 36 हजार 300 आई थी।
गांव के बाहर लगे योजना बोर्ड के अनुसार कार्य की शुरुआत चालू वर्ष 20 अप्रैल से शुरू होकर 15 जुलाई को समाप्त हो चुकी थी। जिसमें संवेदक वर्किंग पॉइंट आरा के द्वारा इस योजना में आहार का जीर्णोद्धार एवं होम पाइप लगाना था। परंतु बीते दिनों हुई लगातार बारिश से खेतों में बारिश का पानी जमा हो गया एवं पानी निकासी की समस्या आ खड़ी हुई है। किसानों के लगे कई एकड़ फसल बर्बाद होने के कगार पर आ चुके हैं।
गांव के किसानों का यही कहना है कि वहां समुचित पाइप नहीं डाले जाने के कारण पानी की निकासी सही से नहीं हो पाई है। जिससे पानी की जमाव की समस्या बन गई है। किसान तथा अन्य समाजसेवी का यह भी आरोप है कि अधिकारी एस्टीमेट बनाने से पहले क्षेत्र का दौरा नहीं करते हैं। अधिकारी जिला मुख्यालय में बैठकर ही योजना का निष्पादन कर देते हैं तथा काम करने वाली एजेंसीयां भी तेजी से काम निपटाने के चक्कर में कार्य करती हैं। योजना का बोर्ड काम खत्म होने के बाद लगता है जिससे ग्रामीणों को योजना की जानकारी पूर्ण रूप से नहीं मिल पाती है।
आरोप लगाने वाले ग्रामीणों में पंचायत समिति सदस्य नंदू कुमार सिंह, जनतांत्रिक विकास पार्टी के जिला अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह, रंजय सिंह, योगेंद्र सिंह, दीनबंधु सिंह, संतोष सिंह, बृज कुमार सिंह, परमात्मा सिंह, जज सिंह, अनिल कुमार, भरत कुमार, शिव कुमार सिंह, मोहन यादव, नीरज सिंह आदि ने यह भी मांग की है कि खेतों की जल निकासी के लिए जल्द पाइप लगाया जाए, जिससे फसल बर्बाद होने से बच सकें।
ऐसा नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है। इस मुद्दे पर लघु सिंचाई के जेई अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बारिश एवं लॉकडाउन के कारण काम समय से पूरा नहीं हो पाया है अभी और काम बाकी है। काम कराने की स्थिति बनते ही संवेदकओं के द्वारा बचा हुआ कार्य का निष्पादन कराया जाएगा। किसानों की समस्याओं का पूर्ण समाधान किया जाएगा।



