भगवानपुर-बेगूसराय ::–
राजीव नयन ::–
19 जुलाई 2020 रविवार
लोगों को बुद्धिमान कहूं या बुद्धू। कारण जब पुरी दुनिया कोरोना वायरस जैसे महामारी से त्राहि-त्राहि कर रहा है। वही अभी भी भस्मासुर मानसिकता के लोग आवश्यक निर्देश का पालन करने मे पुलिस से आंख मिचौली कर रहे हैं।
सरकार ने सड़क दुर्घटना मे चालक को मौत से बचाने के लिए हैलमेट अनिवार्य रूप से ड्राइव करते समय पहनने का आदेश दिया और इसे पालन कराने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन पर सौंप दी। अब बुद्धू लोग सड़क दुर्घटना से बचने के लिए नही बल्कि पुलिस से बचने के लिए सिर मे हैलमेट नहीं पहनकर वरण मोटरसाइकिल मे टांग कर चलने लगे।
ठीक उसी तरह कोरोना वायरस से संक्रमित होने से बचने के लिए सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा समाजिक दूरी बनाने और मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। लेकिन वही हैलमेट वाली हाल, बेचारी मास्क की हुई। कई महीने बीत जाने के बाद भी लोग मास्क लगाने से कतराते हैं। पुलिस की शख्ती को देखते हुए मास्क को जेब मे लेकर बुद्धु चलते हैं। ऐसा कर वे समझते हैं कि मैने पुलिस को धोखा दे निकल गया।
एक मोटरसाइकिल पर चार के साथ भी पुलिस से हम बच निकले ऐसा कर वे अपने आपको होशियार समझ रहे हैं? ये लोग अगर मास्क लगाते भी हैं तो मुंह या नाक पर नही वरण ठोर को ढक कर चलते हैं ताकि लोग समझे कि इसे भी मास्क है। संयोग से अगर पहने भी हैं तो लोगो से बात करने के समय या फिर भीड़ मे घुसने पर उसे खोलकर जेब मे रख लेते हैं, जबकि उसी समय अनिवार्य रूप से पहनने की आवश्यकता है। मास्क का उपयोग नही करते हैं ? पूछने पर कहते हैं जी मैं हमेशा मास्क रखता हूँ, लो समझाये इस बुद्धु को।
समाजिक दूरी का पालन करना तो इन बुद्धुओ से संभव नही है । बात करते हुए तो अपने आप को पढे लिखे समझे जाने वाले लोग भी न तो समाजिक दूरी का पालन करते हैं और न ही मास्क का उपयोग। हां, कोरोना से भय जरूर लगता है। आज कोरोना वायरस तेजी से दूनिया मे फैलने का कारण है अपने को पढे-लिखे समझने वाले नासमझ लोगो के कारण ही, आज भी गाड़ी भरकर चल रहे हैं।
हाट बाजार मे भी मास्क का उपयोग न तो दूकानदार कर रहे हैं और न ही ग्राहक। बिना मास्क लगाये उच्च शिक्षा प्राप्त लोगो को भी तास भांजते देखा जा रहा है। इन लोगो को समझाने वाले लोग स्वयं बुद्धु बन जाते हैं। फिर कैसे हारेगा कोरोना? यह यक्ष प्रश्न बनकर कौंध रहा है।

