मंझौल बेगूसराय ::–
अविनाश कुमार गुप्ता ::–
06 जुलाई 2020 सोमवार
सरकार स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है. इसके लिए विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है. परंतु सार्वजनिक स्थानों पर उक्त कक्ष नहीं रहने के कारण महिलाएं संकुचित होकर बच्चों को स्तनपान कराने में सक्षम नहीं हो पा रही हैं. जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है. उक्त बातें पिरामल के बीटीओ दीपक मिश्रा ने चेरियाबरियारपुर पीएचसी मे पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही.
उन्होंने कहा नौनिहाल बच्चों के लिए जन्म के तुरंत बाद मां का गाढ़ा पीला दुध अमृत समान है. तथा उक्त दुध को नौनिहालों के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा प्रथम टीकाकरण के रुप में माना गया है. श्री मिश्रा ने बताया छ: माह तक बच्चों को सिर्फ स्तनपान कराया जाय. तथा छ: माह के उपरांत दो साल तक उपरी आहार के साथ साथ स्तनपान कराया जाय. यह जच्चा और बच्चा दोनो के स्वस्थ्य के लिए बेहतर है.
इसके लिए सरकार एवं राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशन में बार बार लोगो को कार्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है. तथा स्तनपान जागरूकता हेतु विश्व स्तर पर 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान जागरूकता सप्ताह भी मनाया जाता है. विश्व स्तर पर इतना जागरूकता होने के बाबजूद सार्वजनिक जगहों में शायद ही स्तनपान कराने के लिए कक्ष का निर्माण कराया गया हो.
उन्होंने कहा मंझौल बस स्टैंड, मंझौल अनुमंडल कार्यालय, चेरियाबरियारपुर प्रखण्ड कार्यालय सहितअन्य सार्वजनिक स्थानों पर जहां धात्री माताएं बड़ी संख्या में आती है. ऐसे स्थानों पर कुछ सामूहिक प्रयास हो तो बेहतर नतीजा पा सकते है. तथा इच्छा शक्ति का उपयोग किया जाए तो बहुत कम खर्च मे भी जहां बेहतर परिणाम मिल सकता है. वहीं अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित हो सकता है. ताकि महिलाओं को असहजता के दलदल से निकालकर उनके सम्मान के प्रति विश्वास कायम किया जा सके. एवं बच्चों को असमय की दुध बोतलों से निजात दिला कर उनके स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते हुए मजबूत एवं स्वस्थ्य समाज का निर्माण किया जा सके.
अगर ऐसा मंझौल अनुमंडल मे होता है तो आने वाले समय मे अन्य जिलों के लिए उक्त कक्ष का निर्माण मिल का पत्थर साबित हो सकता है.

