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भोजपुर :: जगदीशपुर में अपनी मांगों को लेकर जल समाधि ले किसानों ने सत्याग्रह आंदोलन किया शुरू

जगदीशपुर-भोजपुर ::–

बबलू कुमार-

5 जुलाई 2020 रविवार

भोजपुर(जगदीशपुर) भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखण्ड के हेतमपुर गांव के सैकड़ों किसानों ने आहर की खुदाई में की गई अनियमितता की उच्चस्तरीय जाँच पटना प्रमंडल के आयुक्त से कराने की मांग को लेकर जल समाधि आंदोलन किया।

इन लोगों के प्रमुख मांगों में आहर में मुख्य फाटक का नव निर्माण करने, आहर में नाले का निर्माण करने के मांग को लेकर आज ग्रामीण, किसानों ने सत्याग्रह आंदोलन करते हुए जल समाधि ली तथा किसानों ने नीतीश सरकार से आहर की खुदाई में की गई अनियमितता की न्यायिक उच्चस्तरीय जाँच की मांग की गई।

वही किसानों के एक शिष्टमंडल ने मौके पर पहुचे सी ओ जगदीशपुर से अपनी समस्या से अवगत कराते हुए मांग किया की शीघ्र आहर में फाटक व नाले बनाए जाए। किसानो ने सी ओ जगदीशपुर से मांग किया की अगर फाटक व नाले का निर्माण नहीं किया गया तो हजारो एकड़ भूमि बंजर हो जाएगी। साथ ही किसानों के सामने भुखमरी का संकट पैदा हो जाएगी।

हेतमपुर के किसानों के लिए आहर बरदान है। किसानों ने सत्याग्रह आंदोलन के द्वारा सरकार से भ्रष्ट संवेदक वो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सह अधिवक्ता विनोद वर्मा ने कहा कि जल जीवन हरियाली योजना में भ्रष्टाचार चरम पर है। वही विभाग के अधिकारियों के उदासीनता के कारण हेतमपुर आहर की खुदाई की कार्य अधर में लटक गया।

दो मीटर लेवल से आहर की खुदाई करनी थी, लेकिन संवेदक अधिकारियों के मेल से मात्र एक फिट ही खुदाई की गई है। यही नहीं आहर में पलाऊ हल वो राजस्थानी ट्रैकटर से काम किया गया है जो जल जीवन हरियाली योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है। किसानों की आवाज को कोई नहीं सुन रहा है। श्री वर्मा ने कहा कि आज देश के अन्नदाता किसानों की स्थिति यह है कि किसान अपने ही देश में उपेक्षित व वदहाल है।

वही उन्होंने कहा कि आज कोई भी हेतमपुर के किसानों की सुध लेने वाला नहीं है। आहर में फाटक व नाले नहीं लगने से हेतमपुर के किसानोंका चेहरा उदास है क्यों कि उन्हें चिंता है खेत की सिंचाई कैसे होगी। श्री वर्मा ने कहा कि किसानों का सत्याग्रह आंदोलन और तेज करने की चेतावनी देते हुए कहा कि जल जीवन हरियाली योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आर पार लडाई होगी।

गांव से लेकर पटना तक किसान आंदोलन करेगे। जब तक आहर की खुदाई में अनियमितता की उच्चस्तरीय जाँच नहीं हो जाती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। यह किसानों का पैसा है इसे लुटने नहीं दी जा सकती है।

जल समाधि का नेतृत्व दीनबंधु पांडे ने किया। जल समाधि में शामिल परशुराम राय (सरपंच), दीनबंधु पांडे, राजेश यादव, नागेद्र यादव, श्री निवास महतो, भोला यादव, उमेश यादव, राज कुमार, रमेश पटेल, श्री नारायण मिश्र, सुनील यादव, शालीक कुशवाहा, मुनमुन यादव, पारश यादव, कन्हैया साह, संतोष यादव, पूर्व पंचायत समिति, गोलु सिंह, अनील कुशवाहा, मुन्ना कुशवाहा, डबलू यादव, डबलू राम, लाला यादव,मुनी यादव, रंजित कुशवाहा, राहुल चौधरी, राजा कुशवाहा, दलीप कुमार करवाल, मुन्ना कुनेरा, उमेश ठाकुर, दीपक यादव, कृष्णा महतो, सहीत सैकड़ों किसान सत्याग्रह आंदोलन में शामिल हुए।

By National News Today

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