ब्यूरो प्रमुख – चंद्र प्रकाश राज ,
*कोरोना से लेकर लद्दाख तक पीएम की मन की बात अमिट छाप छोड़ गई : विधायक डॉ सी एन गुप्ता*
देश में जारी कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से बात कर रहे हैं. उक्त बाते कही विधायक डॉ सी एन गुप्ता का मौका था प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम श्रवण का.इस दौरान विधायक डॉ सी एन गुप्ता ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए कोरोना से लेकर तूफान, टिड्डी हमले लद्दाख में शहीद हुए जवानों का जिक्र किया.उन्होंने कहा कि सैकड़ों आक्रांताओं ने देश पर हमला किया लेकिन भारत इससे भव्य होकर सामने आया. वहीं, चीन का नाम लिए बगैर पीएम मोदी ने कहा कि लद्दाख में भारत की तरफ आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है.
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के संकट काल में देश लॉकडाउन से बाहर निकल आया है.अब अनलॉक के इस समय में दो बातों पर फोकस करना है. कोरोना को हराना और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और ताकत देना है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बात को हमेशा याद रखिए कि अगर आप मास्क नहीं पहनते और दो गज की दूरी का पालन नहीं करते हैं तो आप अपने साथ-साथ दूसरों को भी जोखिम में डाल रहे हैं.
भारत का संकल्प भारत के स्वाभिमान और संप्रभुता की रक्षा करना है, भारत का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत और भारत की परंपरा भरोसा और मित्रता है. भारत का भाव बंधुता है, हम इन्हीं आदर्शों के साथ आगे बढ़ते रहेंगे.
इस दौरान विधायक डॉ गुप्ता ने बताया की प्रधानमंत्री जी ने कहा की सीमाओं की रक्षा के लिए देश की ताकत बढ़े. देश अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बने, यही हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी.
पीएम मोदी ने कहा कि लद्दाख में भारत की भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है. भारत, मित्रता निभाना जानता है तो आंख में आंख डालकर देखना और उचित जवाब देना भी जानता है.
भारत-माता की रक्षा के जिस संकल्प से हमारे जवानों ने बलिदान दिया है, उसी संकल्प को हर देशवासी को जीवन का ध्येय बनाना है.
लद्दाख में हमारे जो वीर जवान शहीद हुए हैं, उनके शौर्य को पूरा देश नमन कर रहा है और श्रद्धांजलि दे रहा है. इन साथियों के परिवारों की तरह ही हर भारतीय इन्हें खोने का दर्द अनुभव कर रहा है.
अंत में विधायक डॉ सी एन गुप्ता ने कहा की वास्तव में प्रधानमंत्री जी के मन की बात का कार्यक्रम हमारे बीच अमीट छाप छोड़ गया.

