एआईएफएफ ने किया कुलपति का पुतला दहन
बेगूसराय ::–
विजय श्री ::–
23 जून 2020 मंगलवार
आज मंगलवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन बेगूसराय जिला परिषद के द्वारा ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी के कुलपति का पुतला दहन किया गया।
इससे पहले ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन जिला कार्यालय पटेल चौक से छात्रों का जत्था भ्रष्ट कुलपति हाय हाय,भ्रष्ट कुलपति शर्म करो, शर्म नहीं तो डूब मरो, हड़ताल पर बैठे छात्रों का भूख हड़ताल खत्म करवा कर उनके जायज मांगों को मानना होगा, पीजी फर्स्ट सेमेस्टर एवं थर्ड सेमेस्टर के परिणामों को सुधार कर पुनः प्रकाशित करना होगा इत्यादि गगनभेदी नारों के साथ जी डी कॉलेज गेट पर पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया।
सभा की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष सजग सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय भाषण में सजग सिंह ने कहा कि लगातार जितने भी परीक्षाओं का रिजल्ट प्रकाशित किया जाता है उनमें जानबूझकर छात्रों को फेल करवाया जाता है। जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन और बिचौलियों का धंधा जारी रहे। हमारा संगठन मांग करता है कि पीजी फर्स्ट और थर्ड सेमेस्टर के परिणाम को सुधार कर पुनः प्रकाशित करें।
ओएमआर सीट पर परीक्षा लेने के प्रस्ताव को खारिज करें और अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर सभी छात्रों को अगले वर्ष और सेमेस्टर में प्रमोट करें।
संगठन के जिला कोषाध्यक्ष अमरेश कुमार और तेघरा अंचल सचिव हसमत बालाजी ने कहा कि इस कोरोना महामारी में देश की गरीब जनता को खाने के लिए राशन नहीं हो पा रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा लगातार फीस बढ़ोतरी किया जा रहा है। हमारा संगठन मांग करता है कि लॉकडाउन की अवधि में सभी तरह के फीस माफ करें और जमा फीस को वापस करें।
संगठन के नगर सचिव विवेक कुमार और महाविद्यालय प्रतिनिधि अभिषेक कुमार ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर हमारा संगठन और वैसे छात्र जिन्हें जानबूझकर विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा फेल करवाया गया है वह कल से ही भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं लेकिन इस भ्रष्टाचारी कुलपति को उनसे बात करने की फुर्सत नहीं है। हमारा संगठन मांग करता है की जल्द से जल्द छात्रों का भूख हड़ताल खत्म करवाया जाए और उनके जायज मांगों को माना जाए नहीं तो हमारा संगठन आर पार का रास्ता अख्तियार करेगा।
पुतला को मुखाग्नि विश्वविद्यालय प्रतिनिधि अनंत कुमार और बसंत कुमार ने दीया मौके पर सचिन कुमार, गोलू कुमार, अमित कुमार प्रिंस कुमार, अनिल कुमार, संतोष कुमार इत्यादि दर्जनों साथी मौजूद थे।


