Fri. Oct 16th, 2026

बेगूसराय में नाव परिचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी, बिना लाइफ जैकेट नाव पर बैठने की अनुमति नहीं

न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।

@ सूर्यास्त के बाद नाव चलाने पर प्रतिबंध, ओवरलोडिंग और जर्जर नावों के परिचालन पर भी होगी सख्त कार्रवाई

बेगूसराय, 16 अक्टूबर। जिले की नदियों में नावों के सुरक्षित परिचालन और संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों की सुरक्षा, घाटों पर आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता, भीड़ नियंत्रण और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।

जिला प्रशासन के निर्देशानुसार, नावों का परिचालन करने से पहले जिला परिवहन पदाधिकारी से उनका विधिवत निबंधन कराना अनिवार्य होगा। बिना निबंधन वाली, जर्जर या क्षतिग्रस्त नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रत्येक नाव पर उसकी निर्धारित भार वहन क्षमता और वाटर लाइन अंकित करनी होगी। साथ ही पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट, लाइफबॉय, टॉर्च, रस्सी और लंगर जैसे सुरक्षा उपकरण रखना अनिवार्य होगा।

सभी यात्रियों को पहनना होगा लाइफ जैकेट

नावों का परिचालन केवल अनुभवी एवं प्रशिक्षित नाविकों द्वारा किया जाएगा। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों या सामान को नाव पर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। बच्चों सहित सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को पूरी यात्रा के दौरान उचित आकार का लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा।

यात्रा के दौरान नाव में खड़े होने, किनारे की ओर झुकने, सीट बदलने या नाव का संतुलन बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी। नशे की हालत में किसी भी व्यक्ति को नाव पर सवार होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सूर्यास्त के बाद नाव परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूर्यास्त के बाद नावों का परिचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा प्रतिकूल मौसम, बाढ़, तेज जलधारा और कम दृश्यता की स्थिति में भी नाव परिचालन बंद रखना होगा। सूर्यास्त के बाद नाव चलाए जाने की स्थिति में संबंधित नाविक और अंचल अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित की गई है।

घाटों पर रोशनी, पेयजल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था अनिवार्य

घाट बंदोबस्तधारियों को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है। घाटों तक सुरक्षित संपर्क पथ, चचरा, खतरनाक स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग, रात में पर्याप्त रोशनी के लिए हैलोजन लाइट, यात्री शेड और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

घाट बंदोबस्तधारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके घाट से केवल निबंधित और निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाली नावों का ही परिचालन हो।

घाटों की निगरानी करेंगे अधिकारी

नाव परिचालन की निगरानी के लिए अंचल अधिकारियों को नावों के प्रारंभिक एवं गंतव्य स्थल निर्धारित करने, जर्जर नावों की जांच कराने और भीड़ नियंत्रण के लिए चौकीदारों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। घाटों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षा नियमों की जानकारी भी दी जाएगी।

जिला परिवहन पदाधिकारी नावों का निबंधन और अनिबंधित नावों के परिचालन पर रोक सुनिश्चित करेंगे। अनुमंडल पदाधिकारी समय-समय पर घाटों का निरीक्षण करेंगे तथा आवश्यकतानुसार दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करेंगे। पुलिस प्रशासन को विधि-व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले नाव मालिकों, नाविकों और घाट बंदोबस्तधारियों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने आम नागरिकों और नाव से यात्रा करने वाले यात्रियों से सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने तथा सुरक्षित नाव परिचालन सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की है।

By National News Today

नेशनल न्यूज़ टुडे वेब पोर्टल के रूप में आप लोगों के बीच है। यह न्यूज़ पोर्टल "खबरें वही जो हो सही" को अक्षरसः पालन करते हुए, आपके बीच में सदैव ताजातरीन ख़बरों से अवगत कराते रहेंगे।

Related Post

You Missed