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बेगूसराय रेलवे स्टेशन के साथ दोहरी नीति, उपेक्षा और संभावित भेदभाव गंभीर चिंता का विषय — राजीव कुमार

 

न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।

बेगूसराय रेलवे स्टेशन के महत्व को लगातार नज़रअंदाज़ किया जाना क्या मात्र संयोग है या फिर सुनियोजित प्रयोग? यह अब एक गंभीर सार्वजनिक प्रश्न बन चुका है।

राजीव कुमार, संस्थापक सह महासचिव, पूर्व मध्य रेल दैनिक यात्री संघ, रेल-रोड यात्री संघ, बेगूसराय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बेगूसराय बिहार की औद्योगिक राजधानी, वाणिज्य एवं व्यापार का प्रमुख केंद्र, जिला मुख्यालय तथा नगर निगम है। यह “बिहार केसरी” डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की कर्मभूमि, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ एवं प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. रामशरण शर्मा की जन्मभूमि भी है।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह जिला अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ के सांसद केंद्रीय स्तर पर प्रभावशाली भूमिका में हैं, कई विधायक एवं विधान पार्षद, जिला परिषद अध्यक्ष, महापौर, सैकड़ों वार्ड पार्षद, मुखिया-सरपंच तथा 18 प्रखंड प्रमुख जनप्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। इसके बावजूद बेगूसराय रेलवे स्टेशन एवं आसपास के लाखों यात्रियों के साथ रेल प्रशासन, रेलवे बोर्ड एवं मंत्रालय स्तर पर हो रही दोहरी नीति, उपेक्षा और संभावित भेदभाव गंभीर चिंता का विषय है।
निम्नलिखित तथ्यों पर दृष्टि डालने से यह स्थिति बिल्कुल स्पष्ट हो जाती है:-

(01)15621/15622 आनंद विहार-कामाख्या एक्सप्रेस:- सीवान, छपरा, हाजीपुर, खगड़िया, नौगछिया, कटिहार, किशनगंज में ठहराव है, पर बेगूसराय में नहीं। आखिर क्यों ?

(02)15635/15636 ओखा-गुवाहाटी एक्सप्रेस:- उपरोक्त कई स्टेशनों पर ठहराव, पर बेगूसराय में नहीं।
15933/15934 अमृतसर–न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस: कई छोटे शहरों में ठहराव, पर बेगूसराय में नहीं।
15903/15904 चंडीगढ़–डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस: सीवान, छपरा, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, खगड़िया आदि में ठहराव, पर बेगूसराय में नहीं।
15631/15632 बाड़मेर–गुवाहाटी एक्सप्रेस: पटना, बख्तियारपुर, मोकामा, खगड़िया, नौगछिया आदि में ठहराव, पर बेगूसराय में नहीं।
12423/12424 राजधानी एक्सप्रेस: पाटलिपुत्र, मानसी, नौगछिया, कटिहार आदि में ठहराव, पर राज्य के प्रमुख करदाता जिलों में से एक बेगूसराय में नहीं।
22411/22412 अरुणाचल एक्सप्रेस: कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव, पर बेगूसराय में नहीं।
14037/14038 नई दिल्ली–सिलचर एक्सप्रेस: पाटलिपुत्र, कटिहार, किशनगंज में ठहराव, पर बेगूसराय में नहीं।
15077/15078 कामाख्या–गोमती नगर एक्सप्रेस: बक्सर, पटना, बख्तियारपुर, मोकामा, खगड़िया आदि में ठहराव, पर बेगूसराय में नहीं।
14619/14620 त्रिपुरा सुंदरी एक्सप्रेस: पाटलिपुत्र, कटिहार, किशनगंज में ठहराव, पर बेगूसराय में नहीं।

स्थिति अत्यंत गंभीर होती जा रही है, क्यूंकि उपयुक्त, सुविधाजनक, द्रुतगामी, नियमित एवं पर्याप्त रेल सेवाओं के अभाव में बेगूसराय और आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्री प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करने को मजबूर हैं। अपने परिवार की महिलाओं, बहु-बेटियों तथा वृद्ध, बीमार और दिव्यांग परिजनों को टाटा-टेम्पो जैसे छोटे वाहनों में ठूंसकर, लादकर-लदकर या लटककर-लटकाकर और बेहद जोखिम भरे तरीके से मोकामा, हाथीदह, बरौनी, मानसी, जमालपुर एवं पटना जाकर ट्रेन पकड़ना को वह मजबूर किये जा रहे हैं ।

इस प्रकार की यात्रा न केवल कष्टदायक और अपमानजनक है, बल्कि समय और धन की अनावश्यक बर्बादी के साथ-साथ कई बार जानलेवा भी साबित होती है। यह स्थिति किसी भी दृष्टि से राज्य के सर्वाधिक टैक्स पेमेंट करने वाले जिले और राज्य की औद्योगिक राजधानी के मुख्यालय रेलवे स्टेशन के अनुरूप नहीं कही जा सकती।

स्थानीय जनता के बीच यह धारणा लगातार मजबूत हो रही है कि किसी विशेष हित-समूह या प्रभाव के कारण बेगूसराय रेलवे स्टेशन की सुनियोजित उपेक्षा की जा रही है। यह प्रश्न अब सीधा जवाबदेही से जुड़ गया है- उन जनप्रतिनिधियों से भी, जिन्हें जनता ने संसद और विधानमंडल में अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए चुना है।

पूमरे दैनिक रेल यात्री संघ, बेगूसराय लंबे समय से इस गंभीर विषय को पूर्व मध्य रेल, रेलवे बोर्ड एवं रेल मंत्रालय के समक्ष निरंतर उठाता रहा है, किंतु अब तक अपेक्षित ठोस और परिणामदायक पहल नहीं हो सकी है।

अतः रेल एवं यात्रियों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए संघ केंद्र सरकार, रेल प्रशासन और सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों से सविनय आग्रह करता है कि:-

(क) बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का नियमित ठहराव सुनिश्चित किया जाए,

(ख) प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट “वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट” व “अमृत भारत स्टेशन प्रोजेक्ट” के फर्स्ट लिस्ट में शामिल बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर अब अविलंब कार्यारंभ कर इन प्रोजेक्ट्स को पुरा किया जाय।

(ग) तदनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप यात्री सुविधाओं का त्वरित विस्तार एवं आधुनिकीकरण सुनिश्चित किया जाय ।

(घ) इस निरंतर उपेक्षा को समाप्त करने हेतु शीघ्र, ठोस और निर्णायक कार्रवाई की जाए।

(ङ) इन प्रोजेक्ट्स में स्टेशन के उत्तर दिशा में भी यात्री सुविधाओं का विकास किया जाए।

बेगूसराय की जनता को उसके अधिकारों से वंचित रखना न केवल प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्रीय संतुलित विकास की अवधारणा के भी विपरीत है। अब समय आ गया है कि इस विषय पर गंभीरता से निर्णय लिया जाए और बेगूसराय को उसकी वास्तविक आवश्यकता और महत्व के अनुरूप रेल सुविधाएँ प्रदान की जाएँ।

 

By National News Today

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