न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
बेगूसराय जिले के बरौनी रिफाइनरी में विश्व हिंदी दिवस-2026 एवं हीरक जयंती के संयुक्त तत्वावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख, श्री सत्य प्रकाश, कार्यकारी निदेशक(परियोजना एवं कोर ग्रुप) श्री संजय रायजादा, मुख्य महाप्रबंधक(मानव संसाधन) श्री भास्कर हजारिका, वरिष्ठ कवि श्री अशान्त भोला, श्री अजय अंजाम, श्री पी के आज़ाद, डॉ. सौरभ कांत शर्मा, श्रीमति मीनाक्षी दिनेश, श्री केशव प्रभाकर, आई.ओ.ओ.ए. सचिव श्री विनम्र बसिवर तथा विप्स समन्वयक श्रीमती मीनाक्षी ठाकुर ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया।

कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख ने संबोधित करते हुए कहा कि यह अत्यंत सुखद अनुभव है कि बरौनी रिफाइनरी के हीरक जयंती एवं विश्व हिन्दी दिवस के संयुक्त तत्वावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। बरौनी रिफाइनरी पिछले छः दशक से राष्ट्र की सेवा में सदैव तत्पर है। प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य दुनियाभर में हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है और साथ ही हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में स्थापित करना भी है। हिंदी आज काफी लोकप्रिय भाषा बन चुकी है। आज विश्व के सैंकड़ों विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है, और पूरी दुनिया में करोड़ों लोग हिंदी बोलते हैं। राजभाषा विभाग, भारत सरकार के निर्देशानुसार हम बरौनी रिफाइनरी में हिंदी कार्यान्वयन पर कार्य करते आ रहे हैं।
कवि सम्मेलन के अवसर पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह के आगमन से कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई। उनकी उपस्थिति ने इस साहित्यिक संध्या को एक विशेष ऊँचाई प्रदान की और आयोजन के भावनात्मक एवं सांस्कृतिक वातावरण को और अधिक सशक्त बना दिया। उन्होंने कवियों की रचनाओं को पूरे मनोयोग से सुना और हिंदी साहित्य को कविता एवं गद्य के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने के इस प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। ऐसे आयोजन भाषा के प्रति लोगों के जुड़ाव को गहरा करते हैं और समाज में साहित्यिक चेतना का प्रसार करते हैं।
इस अवसर पर बरौनी रिफाइनरी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं ‘नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति’, बरौनी के सदस्य कार्यालयों के सदस्य भी उपस्थित थे। कवि सम्मेलन का संचालन श्री पी के आज़ाद ने किया।

यह सम्मेलन न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव रहा, बल्कि हिंदी साहित्य के प्रति लोगों के मन में नई ऊर्जा और संवेदना का संचार करने वाला एक सार्थक प्रयास भी सिद्ध हुआ। श्रोताओं ने कवियों की रचनाओं का भरपूर आनंद लिया। बरौनी रिफाइनरी एक ऐसी संस्था है जो औद्योगिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर हिंदी साहित्य का सहज, स्वाभाविक और प्रभावी प्रचार-प्रसार हुआ जो भाषा को केवल शब्दों तक सीमित न रखकर भावनाओं और संस्कारों से जोड़ता है। यह सूचना अर्पिता पटेल, कॉर्पोरेट संचार अधिकारी ने दी।

