न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के स्थानीयकरण के तहत बेगूसराय जिले के पांच प्रखंडों—चेरिया बरियारपुर, छौड़ाही, डंडारी, गढ़पुरा एवं खोदाबंदपुर के निर्वाचित मुखिया, पंचायत सचिव एवं कार्यपालक सहायकों के लिए ‘स्वस्थ ग्राम’ थीम पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत संसाधन केंद्र, ककौल में किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य पंचायतों को स्वास्थ्य के प्रमुख मानकों पर केंद्रित करते हुए उन्हें ‘स्वस्थ पंचायत’ के रूप में विकसित करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने कहा कि एक स्वस्थ पंचायत ही सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती है। इस क्रम में सभी पंचायतों को ‘स्वस्थ ग्राम’ थीम को प्राथमिकता देने तथा स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया, वहीं प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक मॉडल ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) के आयोजन पर सहमति बनी।

कार्यक्रम में मुखिया को अपने-अपने क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के नियमित अनुश्रवण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया। साथ ही स्वच्छता को बढ़ावा देकर फाइलेरिया उन्मूलन एवं कुपोषण से मुक्ति के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रयास तेज करने के निर्देश दिए गए।
आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले ‘सर्वजन दवा सेवन अभियान’ (MDA) को लेकर भी विस्तृत कार्ययोजना साझा की गई। जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिकतम लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करें, ताकि फाइलेरिया को जड़ से समाप्त किया जा सके।

प्रशिक्षण के अंत में सभी मुखिया एवं पंचायत कर्मियों ने सामूहिक रूप से ‘स्वस्थ ग्राम संकल्प शपथ’ ली। उन्होंने अपनी पंचायतों को टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, शुद्ध पेयजल, स्वच्छता तथा कुपोषण व फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारी सहित संबंधित प्रखंडों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

