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बेगूसराय :: चेरिया बरियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होगा दूध बोतल मुक्त क्षेत्र

 

चेरियाबरियारपुर (बेगूसराय) ::-

अविनाश कुमार गुप्ता ::–

8 अगस्त 2020 शनिवार

शिशु के समग्र विकास के लिए जरूरी है स्तनपान।
ममता, आशा, एएनएम एवं सेविका को बराबर दिया प्रशिक्षण दिया जाता है।
कोरोना काल को देखते हुये इस बार ई लर्निंग ओर इंटरनेट का ज्यादा सहारा लिया गया। जागरूकता हेतु, पिरामल फाउंडेशन द्वारा आम लोगो को वाट्सप ग्रुप में लिंक भेज स्तनपान जागरूकता हेतु ई शपथ और स्तनपान जागरूकता प्रश्उत्तरी करा के प्रमाण पत्र दिया जा रहा है।

नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अगस्त के प्रथम सप्ताह में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है,
इसका उद्देश :-

नवजात शिशुओं को पहले 6 महीने केवल स्तनपान कराने से उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है.
इससे बच्चे के रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है. लोगों में स्तनपान सम्बधी जागरूकता लाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों तथा पिरामल फाउंडेशन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है.

स्तनपान कराने के सही तरीके, इससे होने वाले फायदे, शिशुओं में होने वाले क्षमता का विकास आदि जानकारी लोगों तक पहुँचाने के लिए एनम, सेविका ,आशा ,जीविका दीदी, आध्यात्मिक गुरू काफी मेहनत कर रहे है।

क्षेत्र के लोगों में स्तनपान कराने का महत्व समझया जा रहा

उन्हें शिशु के जन्म के 1 घंटे के भीतर स्तनपान कराने तथा प्रथम 6 माह तक केवल स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इन 6 महिनों के दौरान शिशुओं को किसी भी तरह का कोई अनुपूरक आहार नहीं दिया जाए, इसके लिए लोगों को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जागरूक किया जा रहा है.

इस बार करोना काल देखते हुये इंटरनेट का सहारा जागरूकता के लिए लिया जा रहा है।

इस बाबत प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डाक्टर पर्तवीराज ने
बताया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य केन्द्र अथवा आरोग्य दिवस पर किसी महिला द्वारा अपने नवजात शिशु के प्रसव या जांच के लिए आती हैं तो उन्हें तथा उनके परिवार वालों को केंद्र की आशा, एएनएम द्वारा स्तनपान के महत्व की जानकारी भी देती हैं.

उन्हें अपने शिशु को प्रसव के 1 घण्टे के भीतर स्तनपान कराने और 6 माह तक केवल स्तनपान कराने की जानकारी दी जाती है. साथ ही उन्हें बताया जाता है कि स्वास्थ्य केन्द्र में स्तनपान कराने के लिए अलग से स्तनपान कार्नर भी लगवाये हैं जहां पर महिलाएं सुरक्षित अपने शिशु को स्तनपान करा सकती हैं.

स्वस्थ्य प्रबंधक सत्यदर्शी प्रसाद ने बताया कि स्तनपान कराने से शिशु का समग्र शारीरिक और मानसिक विकास होता है. साथ ही बच्चों का आइक्यू लेवल उंचा रहता है.
नवजात को मां का पहला गाढ़ा व पीला दूध अवश्य पिलायें. यह रोग प्रतिरोधक एंटीबॉडीज व प्रोटीन से भरपूर होता है व कई तरह के संक्रमण से रक्षा करता है.
समुचित स्तनपान करने वाले बच्चों में मोटापा, उक्त रक्त चाप एवं डायबिटीज होने की संभावना भी कम होती है. यह मां के स्वास्थ्य की भी रक्षा करता है.

1 घंटे के भीतर स्तनपान एवं 6 माह तक केवल स्तनपान जरुरी:
• शिशु जन्म के 1 घन्टे के भीतर स्तनपान कराना जरुरी होता है. मां का दूध शिशु को कई तरह के संक्रमण से बचाव करता है.
• मां के दूध में एंटीबॉडी होते हैं जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं.
• साथ ही उन्हने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद चेरिया बरियारपुर पूर्णत: दूध बोतल से मुक्त क्षेत्र है, यहाँ स्वास्थ्य संस्था में या किसी स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा दूध की बोतलें, को बढ़ावा न देने की शपथ ली गई है।

By National News Today

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