बेगूसराय ::–
विजय श्री ::–
21 जुलाई 2020 मंगलवार
महान स्वतंत्रता सेनानी बटुकेश्वर दत्त के पुण्य तिथि पर सोमवार देर शाम भाकपा जिला कार्यालय बेगूसराय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिला सचिवमंडल सदस्य अनिल कुमार अंजान की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सचिव का० अवधेश राय ने कहा कि देश गुलाम था तब भी और आजाद हुआ तब भी। बटुकेश्वर दत्त जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के साथ न्याय नही किया गया। 8 अप्रैल 1929 को केन्द्रीय विधानसभा में भगत सिंह के साथ बम बिस्फोट के बाद गिरफ्तारी दी गयी। कालापानी का सजा पूरा करने के बाद 1938 में दत्त को रिहा किया गया। पुनः असहयोग आन्दोलन में भाग लेने के कारण गिरफ्तार हुए और फिर 1945 में रिहा हुए।
बीमारी एवं गरीबी के मार से जूझते रहे। आजाद भारत में भी कोई सुधी लेने वाला नही मिला। 20 जुलाई 1965 को उन्होंने जिन्दगी की आख़िरी साँसे ली। इस प्रकार इनके सपनों का भारत बनाना आज भी हम सबों के लिए एक चुनौती बना हुआ है।
अध्यक्षीय भाषण में अनिल कुमार अंजान ने कहा कि पब्लिक सेफ्टी बिल और ट्रेड डिस्ब्युट बिल के विरोध में भगत सिंह के साथ बटुकेश्वर दत्त ने एसेम्ब्ली में बम फेका और गिरफ्तारी दी। मजदूरों के अधिकारों में कटौती करने के उद्देश्य से अंग्रेजों के द्वारा ये बिल लाया गया था।
दुःख की बात है कि आज एक बार फिर वर्तमान हुकूमत के द्वारा श्रम संशोधन क़ानून के जरिये मजदूरों के अधिकारों को छीनने की साजिस की जा रही है, और तो और काम का घंटा भी 8 की जगह 12 कर दी गयी गई है। देश भक्ति का ढ़ोल पीटने वाले हुकूमत को बटुकेश्वर दत्त एवं भगत सिंह के जीविनी से प्रेरणा लेते हुए श्रम संशोधन क़ानून को वापस लेना चाहिए।
बैंक, रेल, जहाज सहित अन्य पब्लिक सेक्टर को निजी हाथों में सौपने जैसी कार्यवाई से भी सरकार को पीछे हटना चाहिए। एक ईस्ट इंडिया कम्पनी के द्वारा अगर हमें गुलाम बनाया जा सकता है, तो फिर इन बहुराष्ट्रीय कम्पनी के हाथों हम कब तक सुरक्षित रहेंगे।
कार्यक्रम को पार्टी नेता का० राम प्रवेश सिंह, अर्जुन सिंह, मो० आदिल, संतोष कुमार, शिवशंकर सिंह, रितेश कुमार, मो० सकील, रामकृपाल सिंह, मो० अल्तमस्त, रामनाथ, गुड्डू, बबलू सहित कई लोगों ने संबोधित किया।
अंत में मोमबत्ती धारण करते हुए दो मिनट का खड़ा होकर मौन श्रद्धांजलि दी गयी। इस अवसर पर मास्क वितरण कर कोरोना महामारी के बढ़ते हुए खतरे से लोगों को सचेत रहने का भी सन्देश दिया गया।


