मंझौल बेगूसराय ::–
अविनाश कुमार गुप्ता ::–
19 जुलाई 2020 रविवार
मंझौल बीचखन्ना टोला मे उस वक्त अफरातफरी मच गई. जब पुलिस प्रशासन के द्वारा गुप्त सूचना पर उक्त टोले मे सर्च अभियान चलाया गया.
इस संबंध में स्थानीय पंचायत तीन के मुखिया प्रतिनिधि सुरेश सहनी ने बताया कि कैलाश सहनी की पत्नी का पड़ोसियों के साथ जलनल योजना के तहत गली मे पाइप गाड़ने को लेकर झंझट झमेला चल रहा था. उक्त महिला के द्वारा पूर्व मुखिया स्वर्गीय दिलीप सिंह के पुत्र रमण कुमार उर्फ चिंटू सिंह को बुलाकर लाया गया. चिंटू सिंह के पहुंचते ही अन्य कई असमाजिक लोग भी पहुंच गए.
महिला के विपक्षी पड़ोसियों के साथ गाली गलौज करने लगे. इस बीच वहां से गुजर रहे एक पीकप ड्राइवर के साथ भी असमाजिक लोगों के द्वारा मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया. तभी किसी ने उक्त मुहल्ला मे असमाजिक तत्वों के द्वारा शराब के नशे में उत्पात मचाने की सूचना पुलिस प्रशासन को दे दी. सूचना पर पहुंची मंझौल ओपी पुलिस के साथ भी असमाजिक तत्वों के द्वारा हाथापाई की घटना को अंजाम देकर फरार हो गया.
पुलिस के साथ हाथापाई की घटना के बाद सात बजे पुनः बड़ी संख्या में पुलिस बल के द्वारा उक्त टोला मे छापेमारी की गई. वहीं मंझौल ओपी अध्यक्ष सुबोध कुुुमार ने बताया पुलिस के साथ हाथापाई की बात बेबुनियाद है.
गुप्त सूचना मिली कि असमाजिक तत्वों के द्वारा अप्रिय घटना को अंजाम देने की तैयारी चल रही है. असमाजिक तत्व मुखिया के दरवाज़े पर बैठे हुए हैं. तभी पुलिस टीम के द्वारा छापेमारी की गई. पुलिस को देखते ही असमाजिक तत्व भागने लगे.
इस दौरान जिला परिषद सदस्या इन्दु देवी के पुत्र केशव सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. साथ ही तलाशी के दौरान उसके कमर से एक देशी कट्टा के साथ दो जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. वहीं अन्य तीन अपराधी भागने में सफल हो गए. स्थल पर से चार मोटरसाइकिल को थाना पुलिस के द्वारा जप्त कर थाना लाया गया है.
जिलापरिषद सदस्या ने जारी किया प्रेस रिलीज
इस घटनाक्रम के बाबत जिला परिषद सदस्या इन्दु देवी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मुखिया प्रतिनिधि सुरेश सहनी के भतीजा अनिल सहनी के पुत्र सुमित सहनी का अर्जुन सहनी की पुत्री छोटी कुमारी के साथ प्रेम प्रसंग का मामला चल रहा था. इस दौरान लड़की गर्भवती हो गई. जिसके फलस्वरूप मामला थाना में पहुंच गया. जहां थानाध्यक्ष के द्वारा लड़का पक्ष के लोगों को थाना पर बुलाकर मामले की जानकारी ली गई. तभी मुखिया प्रतिनिधि सुरेश सहनी अपने भतीजा के बचाव मे थाना पर पहुंचे. तथा एक जाति का होने की बात बताते हुए आपस मे शादी कर घर बसाने की बात कही गई.
हालांकि इस दौरान पीड़ित लड़की की माता उर्बा देवी के द्वारा थाना में लड़की के नाबालिग होने की बात कही गई. जिस पर थानाध्यक्ष डांटते हुए बोले हमसे ज्यादा तुम कानून जानती हो. इस तरह मुखिया एवं थानाध्यक्ष के दबाव में मैंने अपनी पुत्री की शादी हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार थानाध्यक्ष के सामने मे करवा दिया.
परंतु शादी के एक दिन बाद ही सुमित एवं उसके पिता के द्वारा पीड़ित लड़की को मारपीट कर भगा दिया गया. इसके उपरांत पीड़ित लड़की सपरिवार थाना का चक्कर लगाते रही परंतु किसी तरह का न्याय थानाध्यक्ष के द्वारा नहीं दिलाया गया. फलतः हारकर पीड़िता द्वारा मुझे जिला परिषद होने के नाते घटना के बाबत आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई गई. साथ ही पीड़िता उर्बा देवी ने मुखिया प्रतिनिधि के द्वारा शनिवार की दोपहर सपरिवार को जमकर मारपीट करने की बात कही.
फलतः पति के नहीं होने के कारण जिलापरिषद प्रतिनिधि के तौर पर अपने भतीजा रमण कुमार उर्फ चिन्टू सिंह एवं अपने पुत्र केशव कुमार को पीड़िता को न्याय दिलाने हेतु पंचायती के लिए मुखिया प्रतिनिधि के घर पर भेजा. जहां मुखिया प्रतिनिधि के द्वारा साजिश के तहत मेरे पुत्र एवं जिला परिषद प्रतिनिधि को फंसाने का काम किया जा रहा है. वहीं जिला पुलिस अधीक्षक से घटना की उच्च स्तरीय जांच कराते हुए दोषी थानाध्यक्ष एवं मुखिया प्रतिनिधि पर न्याय संगत कार्रवाई करने की मांग जिला परिषद ने की है.

