ब्यूरो प्रमुख – चन्द्र प्रकाश राज
संस्कृत महाविद्यालयों को बेहतर बनाने में केदार पांडे का रहा अतुल्यनीय योगदान
छपरा : सदर प्रखण्ड के मेहिया में स्थित गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग में शनिवार को बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय के सचिव डॉ गजानन पांडेय ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए सचिव सह भारतेश्वरी माड़वारी संस्कृत महाविद्यालय छपरा के प्रधानाचार्य डॉ. पांडेय ने कहा कि संस्कृत आज के दौर में काफी हाशिए पर चला गया है इसको पुनः पटरी पर लाने के लिए सभी को मिलजुल कर कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि संस्कृत को बढ़ावा देने में विधान पार्षद केदारनाथ पांडेय का अतुल्यनीय योगदान है। उन्होंने संस्कृत महाविद्यालयों के सुधार हेतु अपने निधि से काफी राशि दी है। शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों की समस्याओं का समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
प्रोफ़ेसर डॉ जितेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि विधान पार्षद केदारनाथ पांडेय शिक्षकों के कल्याण के लिए हमेशा लगे रहते हैं। छपरा, सीवान ही नहीं पूर्वी एवं पश्चिम चंपारण के शिक्षकों के हित के लिए लगातार कार्य करते आ रहे हैं। संस्कृत कॉलेज जहां भी है वहां उन्होंने अपनी निधि से राशि देकर भवन एवं पुस्तकालय का निर्माण कराया है ताकि संस्कृत विद्यालय व महाविद्यालय सुचारू रूप से चलता रहे। हमलोग इनके ऋणी हैं।
बैठक में विधान पार्षद केदारनाथ पांडेय के द्वारा संस्कृत संस्थानों के प्रति किये गए कार्यों पर चर्चा की गई। इस मौके पर प्रधानाचार्य धर्मेन्द्र कुमार सिंह, शशिकांत झा, कृष्ण बल्लभ सिंह, आनंद कुमार द्विवेदी, चंद्रभान त्रिपाठी, श्री नारायण शुक्ला, विनय कुमार मिश्रा आदि मौजूद थे।

