भोजपुर ::–
बबलू कुमार/रमेश उपाध्याय –
12 जून 2020 शुक्रवार
भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखण्ड अंतर्गत कोईलवर बबुरा फोरलेन पर कोल्हरामपुर बाजार एवं पचरुखियां कला स्थित संत शिरोमणि बलदेव द्वार का तोरणद्वार सांसद निधि से कुछ दिन पहले बनवाया गया था। जो अवैध रूप से ढो रहे बालू लदे ट्रैक्टर ने तोरणद्वार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
टक्कर इतना जोरदार था कि बगल में बन रहे सड़क का शिलान्यास किया गया सिलावट भी टूट कर सड़क पर बिखर गया । चालक टक्कर मार मौके से फरार हो गया। तोरण द्वार टूटने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बतलाया की पचरुखियां कला गांव के सोन नदी के तटवर्ती इलाके में ब्राडसन कंपनी द्वारा छोटे बालू कारोबारी लोगों के मिलीभगत से किसानों के खेतों से अवैध रूप से बालू की खुदाई किया जा रहा है आपको बताते चलें कि कोईलवर एवं बड़हरा प्रखंड के सोन के इलाके के गांव सिमरा दौलतपुर, पचरुखिया, रामपुर, पचरुखिया, राजापुर अन्य ग्रामीणों के द्वारा बालू खनन माफिया ,ब्रांडसन बालू खनन कंपनी के द्वारा जबरन उनके खेतों से बालू की खुदाई रोकने को लेकर सभी गांव के ग्रामीणों के द्वारा पटना उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर किया गया था।
दायर याचिका में किसानों के पक्ष में फैसला आने के बावजूद भी अवैध बालू खनन क्षेत्रों से नहीं रुक रहा है। खुलेआम पटना उच्च न्यायालय के नियमों को धज्जियाँ उड़ा अवैध बालू खनन करवाया जा रहा है तथा वाहनों को चढ़ाई करने के लिए पोकलेन मशीन के द्वारा तटबंध को कटाई करवा हजारों वाहनों को ग्रामीण सड़कों से अवैध रूप से बालू की ढुलाई किया जा रहा है ।
संत शिरोमणि बलदेव जी का तोरणद्वार बिगत बृहस्पतिवार के शाम में तोड़कर फरार हो गया। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण सड़क व गलियों से अवैध बालू लदे वाहनों के परिचालन शुरू होने से जाम व दुघर्टना को लेकर काफी ग्रामीण भयभीत रहते हैं। कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। गांव से आ रहे अवैध रूप से हो रहे बालू लदे ट्रैक्टर चलने से दरवाजे से बाहर निकलने मे काफी संकट का सामना करना पड़ रहा है।
सुनने में अटपटा लगेगा लेकिन सच्चाई यह है कि मुख्य मार्ग पर जाम व दुघर्टना का लोग शिकार होते हैं लेकिन ये नजारा स्थानीय क्षेत्र के पचरुखियां कला,राजापुर सहित अन्य कई गांव में देखने को मिल रहा है । हालांकि स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले को भोजपुर जिला प्रशासन व पटना के उच्च अधिकारियों को ईमेल द्वारा आवेदन पत्र सौंपा है लेकिन आवेदन देने के बाद भी भोजपुर जिला प्रशासन बिहार सरकार के संबंधित पदाधिकारियों के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं हो रहा है।
इस संबंध में आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि अगर सरकार और जिला प्रशासन भोजपुर इस पर कोई कार्रवाई नहीं करती है तो हम लोग बाध्य होकर अनिश्चितकालीन सड़क को जाम कर आंदोलन करने के लिए तैयार हैं ।

