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बिहार में भी आसमान में भी उड़ान भरते नजर आएंगे लड़ाकू विमान

सारण कार्यालय –  छपरा , 10 जून , बुधवार ,

ब्यूरो प्रमुख –  चंद्र प्रकाश राज ,

रिपोर्ट – के के सेंगर ,

बिहार में भी आसमान में भी उड़ान भरते नजर आएंगे लड़ाकू विमान

चिनूक व हरक्यूलिस हेलिकॉप्टर की उड़ानों से बदलेगा बिहार का दृश्य

चीन के समीप बिहार की सीमा को ध्यान दिलाते हुए छपरा सांसद रुडी ने लिखा रक्षा मंत्री को पत्र

पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद राजीव प्रताप रुडी ने की है पहल

छपरा (सारण)। बिहार में भी आने वाले समय में चिनूक व हरक्यूलिस हेलिकॉप्टरों समेत आसमान में लड़ाकू विमान उड़ान भरते नजर आएंगे। भारत सरकार वायु सेना को सामरिक मजबूती प्रदान करने के लिए इन अत्याधुनिक विमानों को बिहार में स्थायी स्थापना पर विचार किया जायेगा।
इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह सारण लोक सभा क्षेत्र के सांसद राजीव प्रताप रुडी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से राफेल लड़ाकू विमान के बिहार में स्क्वाड्रन की मांग थी। इसके लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री रुडी ने रक्षा मंत्री से मुलाकात की थी और इस बाबत एक पत्र भी दिया था। इसका परिणाम अब दिखेगा। रक्षा मंत्री ने सांसद के मांग की सराहना करते हुए कहा है कि वायु सेना के अति आधुनिक चिनूक हेलिकॉप्टर सहित लडाकू विमानों व अन्य वायु सेना के जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थायी तैनाती पर विचार किया जा सकता है।
बताते चलें कि कॉमर्सियल पायलट श्री रुडी ने सन 2017 में राफेल लड़ाकू विमान भी उड़ाया है। इसके पहले श्री रुडी ने सुखोई, ग्रीप्पेन भी उड़ाया था।
रक्षा मंत्री ने कहा है कि बिहार के बिहटा, पूर्णिया और दरभंगा में तीन वायु सेना अड्डे स्थापित हैं, जो अभ्यास और संचालन के दौरान राज्य में आई आपदा के समय भी सहायता की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में बाढ़ के समय दरभंगा में वायु सेना के हवाई अड्डे का उपयोग दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिलों में मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए किया गया था। रक्षा मंत्री ने ये भी बताया कि इन इकाइयों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन की भी योजना बनाई गई है। जो भविष्य में कार्यान्वित होंगी।
उल्लेखनीय है कि 25 अक्तूबर 2019 को उत्तर पूर्व की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण पूर्व केंद्रीय मंत्री रुडी ने बिहार में लड़ाकू, परिवहन, हेलिकॉप्टरों के ठिकानों की स्थायी स्थापना की मांग की थी।
सांसद रुडी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सुदृढ़ व प्रखर नेतृत्व में भारत सरकार ने राफेल लड़ाकू विमान को भारतीय वायु सेना में शामिल करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। बिहार हमेशा से सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों के साथ ही अन्य बलों में अपनी सेवाओं के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभाता है। इसलिए राफेल लड़ाकू विमान के एक स्क्वाड्रन बिहार के किसी एयरफोर्स स्टेशन पर होना चाहिए। इसकी स्थापना से हमारे युवा देश की रक्षा में अपनी सेवा देने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि आकाशीय सीमा की सुरक्षा के मद्देनजर बिहार के तीन वायु सेना केंद्रों बिहटा, दरभंगा या पूर्णिया में अत्याधुनिक विमानों और हेलिकॉप्टरों की तैनाती आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिहार की सीमा नेपाल से लगती है और साथ ही पूर्णिया, बिहटा या दरभंगा से पूर्वाेत्तर के सभी राज्यों की आकाशीय निगरानी और सुरक्षा आसानी से की जा सकती है।

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