बेगूसराय ::–
विजय श्री ::–
2 जून 2020 मंगलवार
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपा गया साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को मांग पत्र भेजा गया।
मांग पत्र में कोचिंग संस्थान, होम ट्यूशन, प्राइवेट स्कूल चालू कराने, छात्रों के फीस नहीं लेने एवं मकान मालिक के द्वारा मकान किराया नहीं लेना शामिल था। इस मौके पर पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अजीत चौधरी ने कहा कि इस लॉक डाउन में सबसे ज्यादा शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुआ है विगत 3 महीनों से पठन-पाठन बंद होने के कारण छात्र के घर में रहने का कारण छात्रों पर मानसिक परेशानी बढ़ रही है।
दूसरी ओर शिक्षा का लाइफ लाइन कोचिंग संस्थान विगत 3 महीनों से बंद रखने के कारण कोचिंग संस्थान के संचालक भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। दूसरी तरफ उनके मकान मालिक के द्वारा मकान किराया मांगा जा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी म्यूजिक कोचिंग एवं होम कोचिंग करने वाले शिक्षक को हो रहा है। एक तरफ सरकार मॉल, मार्केट, वाहन का परिचालन सभी को शुरू कर कर दिया है लेकिन पढ़ाई शुरू नहीं किया है। यह तर्कसंगत नहीं लगता है। बेगूसराय जिले में सैकड़ों कोचिंग संस्थान है एवं इस पर हजारों परिवार आश्रित हैं। इनके सामने भुखमरी का स्थिति उत्पन्न हो रहा है।
इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राहुल कुमार, सोनू एवं छात्रावास प्रांत सह प्रमुख मुकेश कुमार ने कहा कि सोशल डिस्टेंस के नियम का पालन करते हुए कोचिंग एवं होम कोचिंग संचालन की अनुमति दिया जाए। विभिन्न सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना को ऐसे शिक्षित बेरोजगार शिक्षक को शामिल किया जाए ताकि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड या अन्य कार्ड के तर्ज पर ऐसे शिक्षकों का भी क्रेडिट कार्ड बनाया जाए।
इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि आपकी सभी मांगे जायज है। आपकी मांगे को जिला पदाधिकारी एवं राज्य सरकार को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने मकान मालिक से मकान किराया नहीं लेने की अपील की एवं उन्होंने निजी स्कूल एवं कोचिंग संचालक से भी छात्रों से किसी भी तरह के राशि नहीं लेने की अपील की।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सभी मुद्दे को लेकर पूरे बिहार में आंदोलन करने जा रही है। 3 जून को सैकड़ों छात्रों से बिहार पूछता है 1 मिनट का वीडियो क्लिप बनाकर मुख्यमंत्री को भेजेगी। 5 जून को हवन किया जाएगा। 8 जून को हजारों छात्रों के द्वारा मुख्यमंत्री के नाम खुला पत्र भेजा जाएगा। 11 जून प्रतिनिधि को ज्ञापन दिया जाएगा एवं 15 जून को विद्यालयों के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।

