न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, बेगूसराय द्वारा भूकंप जैसी संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने हेतु दो दिवसीय टेबल टॉप एक्सरसाइज (TTEX) एवं पूर्ण पैमाने पर मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर वास्तविक परिस्थिति का अनुकरण करते हुए व्यापक फिजिकल मॉक ड्रिल किया गया।

जिला पदाधिकारी, बेगूसराय श्री श्रीकांत शास्त्री के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास के तहत सदर अस्पताल बेगूसराय, अनुमंडल परिसर बेगूसराय सदर, बी.पी. इंटर स्कूल, Reliance Smart Bazaar (बेगूसराय शाखा) तथा आईओसीएल बरौनी रिफाइनरी में भूकंप एवं आगजनी की काल्पनिक स्थिति उत्पन्न कर राहत एवं बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया गया। सूचना मिलते ही समाहरणालय स्थित डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से अलर्ट जारी किया गया, जिसके उपरांत संबंधित विभागों एवं स्टेक होल्डर्स ने त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की।

मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) एवं राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें अत्याधुनिक उपकरणों के साथ घटनास्थलों पर पहुंचीं और मलबे में फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की संपूर्ण प्रक्रिया का वास्तविक परिस्थिति के अनुरूप प्रदर्शन किया। अग्निशमन विभाग ने आगजनी की काल्पनिक घटना पर प्रभावी नियंत्रण का अभ्यास किया, जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ट्रायेज प्रणाली के तहत घायलों का वर्गीकरण कर त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। आपदा मित्र, गृहरक्षकों एवं NCC ने भी भीड़ नियंत्रण एवं राहत कार्यों में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने हेतु गांधी स्टेडियम, बेगूसराय को मुख्य राहत शिविर एवं आश्रय स्थल के रूप में चिन्हित कर वहीं कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई, जहां से संपूर्ण राहत एवं बचाव गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। कार्यक्रम की निगरानी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन लिंक के माध्यम से भी की गई।
जिला प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा आमजन को जागरूक करना है, ताकि किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि ऐसे आयोजनों को मात्र अभ्यास के रूप में लें एवं किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।

