न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
बेगूसराय में नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण संकेतकों में सुधार के संकल्प के साथ आज जिला पदाधिकारी बेगूसराय श्रीकांत शास्त्री के मार्गदर्शन में जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘अन्नप्राशन दिवस’ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करना है।

जिला पदाधिकारी के कुशल नेतृत्व में प्रशासन का लक्ष्य बेगूसराय को कुपोषण मुक्त बनाना है। इसी क्रम में जगतपुरा स्थित केंद्र संख्या–03 पर विशेष सामूहिक अन्नप्राशन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें केंद्र संख्या 97 एवं 196 की सेविकाएं, सहायिकाएं तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी शामिल हुए। इस सामूहिक आयोजन ने समुदाय को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। आकांक्षी जिला होने के नाते बेगूसराय में नीति आयोग के मानकों पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है और वर्तमान में “संपूर्णता 2.0 अभियान” भी संचालित है। अन्नप्राशन कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छह माह पूर्ण कर चुके प्रत्येक बच्चे को सही समय पर पूरक आहार मिलना प्रारंभ हो जाए। इस अभियान में जिला प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, जीविका तथा पिरामल फाउंडेशन द्वारा जमीनी स्तर पर व्यवहार परिवर्तन एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान महिला पर्यवेक्षिका अदिति वत्स ने माताओं को बताया कि छह माह के बाद केवल स्तनपान पर्याप्त नहीं होता, बल्कि मसली हुई दाल और गाढ़ा दलिया जैसे ठोस आहार की शुरुआत बच्चे के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है। पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि दीपक मिश्रा ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हाथ धोकर भोजन खिलाना, घर के बने ताजे भोजन का उपयोग तथा संतुलित पोषण सुनिश्चित करना ही इस कार्यक्रम की सफलता की कुंजी है।
समारोह के अंत में जगतपुरा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ श्रीमती किरण कुमारी ने उपस्थित माताओं को ‘पोषण शपथ’ दिलाई, जिसमें माताओं ने संकल्प लिया कि वे छह माह पूर्ण होने पर ही पूरक आहार शुरू करेंगी, भोजन की स्वच्छता और पौष्टिकता का पूरा ध्यान रखेंगी तथा दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखेंगी।

कार्यक्रम को सफल बनाने में सेविका कंचन कुमारी, बिंदु कुमारी, शुभम कुमारी और अर्चना कुमारी की सक्रिय भूमिका रही। जिला प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे “संपूर्णता अभियान” से जुड़कर अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव रखें।

