न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
बेगूसराय में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस के जिला परिषद सदस्यों की बैठक कॉ चन्द्रभूषण भूषण सिंह उर्फ़ जुलूम सिंह की अध्यक्षता में सूरज भवन में हुई । बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार मज़दूर विरोधी चार लेबर कोड को सर जमीं पे लागू करने के लिए सारे अधीनस्थ अधिकारियों को बाध्य कर रही है । जिससे कि अपने पूँजीपति मित्र जिससे अकूट चंदा लेकर सरकार बनाई उसे कैसे इसका ऋण चुकाया जाय । सरकार पूर्ण रूप से पूंजीपति के गिरफ्त में ही नहीं बल्कि पूँजी परस्त भी है ।

नये क़ानून को लागू होने से प्रधान नियोजक जैसे बरौनी रिफाइनरी प्रबंधन पीड़ित ठेका मज़दूर को हक़ दिलाने के लिए बाध्य नहीं होगी । इसका भीषण परिणाम साफ़ – साफ़ सामने आने लगा है ।आज हज़ारों मज़दूरों को ना छटनी लाभ मिल रहा है ,ना ही किया हुआ काम का मजदूरी मिल रहा है । लगभग सभी कामगार के साथ छलावा हो रहा । लगातार आम चुनाव जीतने के कारण सरकार और ज़्यादा हमलावार होकर ट्रेड यूनियन एक्ट को ही ख़त्म करने जा रही है ।
मज़दूर साथियों को वेवकूफ बनाने के लिए एवम यूनियन का अस्तित्व ही समाप्त करने सरकार नया श्रम शक्ति नीति ला रही है ।इस नए श्रम क़ानून में देश को मनु स्मृति के दौर में ले जाकर मज़दूर को मालिक का कृपा पात्र बनाकर छोड़ दिया जाएगा । न्यूनतम मजदूरी देना तो दूर की बात हो जाएगी ।न्याय दिलाने के लिए प्रदेश स्थानीय पदाधिकारी ही सक्षम होंगें ।देश संयुक्त ट्रेड यूनियन के नेतृत्वकारी साथी सरकार से इसके भीषण परिणाम की और खुलकर आगाह कर रहे हैं लेकिन सरकार के कान के ऊपर जूँ भी नहीं रेंग रही है ।
इसलिए देश भर के मज़दूरों ने पुनः पिछले वर्ष के नौ जुलाई के हड़ताल के बाद भी सरकार के मज़दूर एवम यूनियन विरोधी मंसूबे के ख़िलाफ़ संयुक्त केंद्रीय ट्रेड यूनियन के द्वारा आहूत 12 फ़रबरी 2026 के आम हड़ताल को व्यापक रूप से सफल बनाने हेतु मज़दूरों को गोलबंद करने के लिए कमर कस लिया है ।

इस अवसर पर एटक के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधान पार्षद उषा सहनी,खेत मज़दूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक सूर्यकांत पासवान ,एटक के केंद्रीय परिषद सदस्य ललन लालित्य,एटक के जिला महासचिव प्रहलाद सिंह, बरौनी तेलशोधक मज़दूर यूनियन के सचिव भोगेंद्र कमल,आशा बहू की नेत्री सरिता राय,आंगनवाड़ी की नेत्री पूनम देवी,खेत मज़दूर नेता गोवर्धन,अशोक पासवान सहित कई साथी मौजूद थे ।

