न्यूज़ डेस्क, बेगूसराय, विजय कुमार सिंह।।
आगामी ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) 2026-27 को जनोन्मुखी एवं स्वास्थ्य केंद्रित बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत संसाधन केंद्र (DPRC), कंकौल में आयोजित चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 5 जनवरी से 8 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों के मुखिया, पंचायत सचिव तथा पंचायत/प्रखंड कार्यपालक सहायकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य विषय ‘स्वस्थ ग्राम’ (Healthy Village) रहा, जिसके अंतर्गत पंचायतों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं व्यवहार परिवर्तन से जुड़ी योजनाओं को ग्राम पंचायत विकास योजना में प्रभावी रूप से शामिल करने के लिए तैयार किया गया।

आज नावकोठी, मटिहानी, शाम्हो, साहेबपुर कमाल एवं मंसूरचक प्रखंडों के प्रतिभागियों को अंतिम समूह के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
यह कार्यक्रम लोकल सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (LSDGs) के तहत पंचायतों को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं स्वास्थ्य-संवेदनशील बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की एक महत्वपूर्ण पहल है। पिरामल फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से प्रतिभागियों को ग्रामीण स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार, पोषण स्तर बढ़ाने, स्वच्छता व्यवहार को प्रोत्साहित करने तथा सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान यह बताया गया कि ‘स्वस्थ ग्राम’ की अवधारणा को अपनाकर गांवों में बीमारियों की रोकथाम, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी तथा कुपोषण, एनीमिया एवं फाइलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। मुखियाओं से आदर्श आरोग्य दिवस की नियमित निगरानी करने, आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोद भराई एवं अन्नप्राशन जैसे कार्यक्रमों को जनभागीदारी के साथ आयोजित करने तथा आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी प्रमुख योजनाओं को GPDP से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्रीमती पूजा प्रीतम ने कहा कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के अंतर्गत इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य समावेशी एवं सतत विकास को बढ़ावा देना है, जिससे पंचायत प्रतिनिधि एवं कर्मी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप डेटा आधारित योजनाएं तैयार कर सकें। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. गोपाल मिश्रा ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में पंचायतों की सक्रिय भूमिका को आवश्यक बताते हुए मुखियाओं से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के नियमित अनुश्रवण तथा जन आरोग्य समिति एवं ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति की बैठकों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला पंचायत संसाधन केंद्र के प्रभारी मास्टर ट्रेनर प्रवीण कुमार (DPRC प्रबंधक), पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रतिनिधि दीपक मिश्रा, आश्रेय कुमार एवं श्वेता कुमारी तथा DPRC टीम के मीनू रानी, अविनाश कुमार, संजय कुमार एवं राजीव कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

