Tue. Feb 10th, 2026

सरकारी जमीन पर फलदार वृक्षों के फल से सरकारी राजस्व का लाखों में नुकसान

बरौनी, बेगूसराय, राहुल कुमार।।

एक तरफ सरकार द्वारा पर्यावरण की सुरक्षा हेतु वृक्षारोपण अभियान चला रखी है। तो वही दूसरी ओर तेघङा, बरौनी प्रखंड क्षेत्र सहित रेल क्षेत्र में पूर्व से लगे हुए फलदार वृक्षों का फल का उपयोग सही रूप से नहीं हो पा रहा है। जबकि आये दिन सरकार वृक्षारोपण को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते देखी जाती है और निरंतर प्रयास भी करती है की पर्यावरण की सुरक्षा हेतु हर जगह वृक्षारोपण का कार्य हो सके।

लेकिन संबंधित कर्मियों के द्वारा पूर्व से लगाए गए फलदार वृक्षों का फल राह चलते लोगों द्वारा ईट पत्थर फेंककर उसे बर्बाद कर देते हैं। परंतु इसके संबंधित कर्मचारी इस पर ध्यान नहीं दे पाते?
बताते चलें की तेघरा प्रखंड के तेघरा बाजार से लेकर फुलवरिया तारा अड्डा, चंद्रवंशी चौक तक सड़क के दोनों तरफ आम, जामुन आदि के पेड़ो में प्रतिदिन राहगीरों द्वारा ईट पत्थर फेंकते देखे जाते हैं।

जबकि बरौनी प्रखंड के पीपरा चौक से लेकर ठकुरी चक तक और पश्चिम मक्खन साला रोड में मुख्य सड़क के दोनों किनारे ऐसे ही अनगिनत पेड़ लगे हैं, जिनमें लगे फल से पेङ की डालिया झुक सी गई है। परंतु इससे संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के ध्यान नहीं देने के कारण पेरों में लगे फल चलते फिरते आम राहियों के द्वारा ही ईट पत्थर का उपयोग कर फल सहित वृक्षों को भी नुकसान पहुंचाने में कसर नहीं करते। जबकि इन सारे जगहों के इससे संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा अगर इस पर ध्यान दिया जाता तो, इस फल से सरकारी राजस्व को लाखों का फायदा होता? जो संबंधित लोगों के अकर्मण्यता के कारण सरकारी राजस्व को लाखों का नुकसान पहुंचाया जा रहा है।


इसी प्रकार पूर्व मध्य रेलवे सोनपुर मंडल के बरौनी गढहारा क्षेत्र में सैकङो फलदार वृक्षों से रेलवे को इन फलों से आने वाली राजस्व को लाखों का नुकसान उठाना पड़ता है। हां, रेलवे क्वार्टरों के अंदर फलदार वृक्षों का तो क्वार्टरों में रहने वाले रेलकर्मी अपने उपयोग में लाते हैं। लेकिन रेल क्षेत्र के अन्य जगहों पर लगे फलदार वृक्षों से ना तो रेलकर्मी और ना ही रेलवे को ही कोई फायदा होता नजर आ रहा है।
जबकि सरकार पर्यावरण की सुरक्षा हेतु जगह जगह वृक्ष लगाने का जोर शोर से अभियान चला रही है।
तेघङा, बरौनी प्रखंड सहित रेल परिसरों में इन दिनों आम और जामुन के पैरों के आसपास के नन्हे नन्हे बच्चे सहित बुजुर्ग भी पेड़ों पर ईद पत्थर फेंकते नजर आते हैं।और ईट पत्थर से तोड़ गए जो फल उन्हें प्राप्त होते हैं उन फलों को खाते हुए अपने गंतव्य स्थान के लिए चले जाते हैं। जबकि सरकारी राजस्व का लाखों का नुकसान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अकर्मण्यता के कारण उठाना पड़ रहा है।

By National News Today

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