मंझौल बेगूसराय ::–
अविनाश कुमार गुप्ता ::–
30 जुलाई 2020 गुरुवार
मंझौल अनुमंडल मुख्यालय अंतर्गत पबड़ा गांव के जाने माने ग्रामीण चिकित्सक 45 वर्षीय डॉ सलाउद्दीन के असामयिक निधन से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.
जानकारी अनुसार उक्त चिकित्सक पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे तथा उनके लीवर मे कुछ प्राब्लम उत्पन्न हो गया था. बुधवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. तो परिजनों के द्वारा इलाज के लिए पटना ले जाया गया. परंतु कोरोना महामारी के कारण पटना के विभिन्न अस्पतालों का चक्कर लगाने के बावजूद इलाज के लिए एडमिट नहीं कराया जा सका. जिसके फलस्वरूप उक्त चिकित्सक ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया.
बताया जाता है डॉ सलाउद्दीन बहुत नेकदिल इंसान थे. तथा पबड़ा, कमला, काजीचक, मंझौल, शाहपुर सहित विभिन्न पंचायतों के लोग इमरजेंसी के दौरान रात के अंधेरे में भी इलाज के लिए पहुंचते थे. तो डॉ साहब पूरी तन्मयता के साथ इलाज के लिए तैयार मिल जाते थे. यहां तक कि बहुत सारे गरीब गुरबों का पैसा के अभाव में मुफ्त इलाज करने से भी गुरेज़ नहीं करते थे.
वहीं उनके निधन पर मातमपुर्सी के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. इस दौरान राजद के जिला प्रधान महासचिव रामसखा महतों, युवा राजद नेता सत्यम सम्राट, अधिवक्ता शकील अहमद, महबूब आलम, सेवानिवृत्त शिक्षक कमलेश्वरी प्रसाद सिंह, समाजसेवी अर्जुन सिंह, शिक्षक हसनैन शाहिद भारती, अशोक पासवान सहित अन्य लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए चिकित्सा के क्षेत्र में इलाके के लिए अपुरनीय क्षति करार दिया. साथ ही परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों को दुख की बेला में ईश्वर से सहनशक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की. साथ ही लोगों ने उनके जनाजे पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से कामना की.

