ब्यूरो प्रमुख -चन्द्र प्रकाश राज
जबरन सेवानिवृत्ति के काले कानून को वापस ले राज्य सरकार
रिपोर्ट – वीरेंद्र यादव
राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ ने आदेश की प्रतियाँ जलाकर किया विरोध
छपरा।
बिहार राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर गुड्डू एवं प्रदेश राज्य सचिव सुनील तिवारी,प्रदेश महासचिव तसौवर हुसैन सहित राज्यभर के संघीय पदाधिकारियों,सदस्यों ने जबरन सेवानिवृत्ति आदेश की प्रतियां जलाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष उदय शंकर गुड्डू ने कहा कि सूबे की तानाशाह सरकार तानाशाही रवैया अपनाई हुई है,वह लगातार शिक्षक कर्मचारियों के विरुद्ध नये नये फरमान जारी कर रही है जो अव्यवहारिक व अलोकतांत्रिक है।जबरन रिटायरमेंट के कानून को लाना काला कानून के समान है,जिसे किसी भी सूरत मे बिहार के शिक्षक कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
साथ ही उन्होंने कहा कि यथाशीघ्र जबरन सेवानिवृत्ति के काले कानून को सरकार अगर समय रहते वापस नहीं लेती है तो पूरे सूबे के अन्दर एक बडा आंदोलन तैयार होगा,जिसका खामियाजा बिहार की सरकार को भुगतनी होगी।
वहीं इस अवसर पर प्रदेश सचिव सुनील तिवारी एवं महासचिव तसौवर हुसैन ने सरकार पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि जब पचास वर्ष के ऊपर के नेता राज्य एवं देश चलाने के लिए योग्य हो सकते है तो फिर शिक्षक कर्मचारी अयोग्य कैसे होंगे?अगर यह कानून लागू होता है तो सर्वप्रथम उन जननेताओं पर लागू होना चाहिए जिनके पैर कब्र के सामने है। लेकिन सत्ता की मलाई चाटने मे मशगूल है।
ऐसा नहीं होने की स्थिति मे राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षक कर्मचारियों के हित मे व्यापक स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा। इसके साथ ही सारण जिला राजकीयकृत प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डा.राजेश यादव ने भी कहा है कि सरकार को हर हाल मे तुगलकी फरमान को वापस लेना होगा अन्यथा शिक्षक कर्मचारियों की बददुआएँ सरकार को ले डूबेगी।
इस विरोध प्रदर्शन में संघ के प्रतिनिधि सदस्य जिला उपाध्यक्ष अमीत प्रकाश गिरि,अजय यादव,शैलश मोहन पाण्डेय,बसंत प्रसाद, समीर सिंह,दिलीप प्रसाद सिंह, धर्मेन्द्र,शशिकांत सिंह,अजीत सिंह, सारण प्रमंडलीय अध्यक्ष बब्लू चौबे,सीवान जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार,वैशाली जिलाध्यक्ष रोहित शर्मा,रंजीत सिंह,पटना-राजदेव वर्मा गया के जिलाध्यक्ष कृष्णदेव सिंह सहित राज्य के सभी जिलो के शिक्षक प्रतिनिधि विरोध मे शामिल रहे।

