बेगूसराय ::–
विजय श्री ::–
26 जुलाई 2020 रविवार
बीरपुर प्रखंड के भवानंदपुर पंचायत के वार्ड 8 में प्रवासी मजदूरों की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता आनंद कुमार ने किया। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रोफेसर संजय गौतम के नेतृत्व में एक प्रवासी मजदूर का कलस्टर बनाया गया है। जो देश के बंगाल, मुंबई, पुणे, दिल्ली में नामी गिरामी लेदर के चप्पल जूते उद्योग में काम करते थे।
कोरोना महामारी में लॉक डाउन होने के बाद लगभग 50 की संख्या में यह अपने घर आ गए। इस पंचायत में 200 की संख्या में लेदर के चप्पल जूतों से जुड़े हुए हैं। कुशल श्रमिक हैं। अगर जिला प्रशासन, बिहार सरकार उत्सुकता के साथ यहां के प्रवासी मजदूरों को प्रोत्साहन देकर ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देती है। जो बिहार में नहीं है। निश्चित रूप से भवानंदपुर पंचायत यहाँ के कुशल कारीगर के बदौलत बिहार और देश में ये उद्योग अपना नया अध्याय लिखेगा।
जिला प्रशासन को पिछले बुधवार को इसके लिए लिखित आवेदन और सूचना दे दी गई है। नवप्रवर्तन योजना या प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत उद्योग स्थापित हो। इन मजदूरों की मांग है साथ ही ये मजदूर अब घर से बाहर जाना नहीं चाहते है। अब बिहार बेगूसराय में रहकर उधोग लगाना चाहते है। बोले मजबूरी में परिवार बच्चों को छोड़ कर बाहर जाते थे। काम मिलेगा प्रशासन की मदद मिलेगी तो वीरपुर का नाम रौशन कर देगें।
लैदर के चप्पल उधोग में सामाजिक कार्यकर्ता वावू खान ने कहा कि ये सभी लेदर कारीगर उच्च कोटी के है। इनको मदद प्रशासन से मिलेगी और ये यहाँ रहकर ऐसे कार्य करेंगें तो गर्व की बात होगी।
छात्रसंध महासचिव बादल कुमार ने कहा कि बिहार के मजदूर के बदौलत ही दूसरे राज्य की फैक्टरी चलती है। बिहार में ऐसे हुनरमदं मजदूर को काम दिया गया तो बिहार भी उधोगों की मंडी का बेताज बादशाह हो जाऐगा।
मौके पर प्रवासी मजदूर सिटू कुमार दास, सिकदंर कुमार, रंजन दास, राहुल कुमार दास, सजींत कुमार दास, विरजू दास, विशाल कुमार इत्यादि थे।


