ब्यूरो प्रमुख – चन्द्र प्रकाश राज ,
जेपीएम के जंतु विभाग द्वारा राष्ट्रीय वेबिनार का हुआ आयोजन
छपरा : जयप्रकाश महिला महाविद्यालय ,छपरा के जंतु विभाग द्वारा राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन प्राचार्य डॉ. मधु प्रभा सिंह की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक किया गया। जिसका विषय: ‘हेल्थ इंप्लीकेशंस ऑफ़ एयर पोल्यूशन एंड गवर्नमेंट पॉलिसी इन लाइट ऑफ कोविड-19’ था। इस वेबीनार में बड़े उत्साह के साथ महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण,छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई । विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो एच.पी.पांडे ने वेबीनार की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी तथा पंच तत्वों की बात करते हुए उन्होंने वायु तत्व को सभी जीवों के लिए महत्वपूर्ण बताया और कोविड-19 जैसी महामारी से बचाव के लिए वायु का शुद्ध होना तथा हम सभी की नैतिक जिम्मेदारियों को याद दिलाते हुए साफ सफाई पर ध्यान देने की बात कही। विश्वविद्यालय के कुलसचिव कैप्टन श्री कृष्ण ने भी महामारी तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जो वायु प्रदूषण से होती है, उन सभी विषयों पर बात करते हुए सभी को सजग तथा सचेत रहने के लिए कहा।प्रो.राकेश श्रीवास्तव, जयप्रकाश विश्वविद्यालय के जंतु विभाग के विभागाध्यक्ष तथा डीन ने अपनी उपस्थिति और शुभकामनाओं से इस कार्यक्रम को सफलता की सीढ़ियों पर अग्रसर किया।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मधु प्रभा सिंह ने सभी मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए मानव जीवन और मानव शरीर के लिए वायु के महत्व की बातें बतायी और साथ ही पर्यावरण को स्वच्छ और संरक्षित करने की बात कही। प्राचार्य ने तेजी से प्रगति करने की होड तथा औद्योगिक प्रगति के लिए प्रकृति का अंधाधुंध दोहन ही वायु को विषाक्त तथा दूषित करने का मुख्य कारण बताया है। दूषित हवा में हमारा जीना ही कोविड-19 जैसी भयंकर महामारियों का परिणाम है।इस वेबीनार के मुख्य अतिथि श्री प्रकाश चंद्र पांडे ,आई. एफ. एस. एडिशनल पीसीसीएफ गवर्नमेंट ऑफ़ छत्तीसगढ़ से रहे। उन्होंने वायु प्रदूषण के रोकथाम हेतु केंद्र सरकार और राज्य सरकार की बहुत सारी नीतियो को समझाया तथा सरकार ने इस महामारी से निपटने के लिए क्या-क्या तैयारियां की है उस पर विस्तार से चर्चा की।
प्रोफेसर माधव गोविंद सेंटर फॉर स्टडीज इन साइंस पॉलिसी जेएनयू ,दिल्ली से मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल रहे और उन्होंने वायु प्रदूषण से संबंधित सभी ऐतिहासिक तथा तत्कालीन नीतियों की विस्तार से चर्चा की। विश्व के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर भारत में ही है ,किस तरह से हम इस प्रदूषण से बच सकते हैं। अपनी जिम्मेदारियों को कैसे निभाना है उसे भी समझाया । सरकारी नीतियाँ जो पर्यावरण के लिए बनाई गई है उनसे अवगत कराया।वेबीनार के दूसरे प्रमुख वक्ता डॉ. अरुण श्रीवास्तव , असिस्टेंट प्रोफेसर ऑफ एयर पोल्यूशन स्कूल ऑफ एनवायरनमेंटल सायिन्सेज़,जेएनयू,दिल्ली के रहे ।उन्होंने वायु-प्रदूषण और कोविड-19 पर विस्तार से चर्चा की।महामारी के कारण हुए लॉकडाउन का हम सभी के जीवन पर और पर्यावरण पर हो रहे प्रभाव की विस्तार पूर्वक चर्चा की। कोरोना वायरस किस तरह से हवा के माध्यम से, जल के माध्यम से, अन्य माध्यमों के द्वारा कैसे मनुष्य को बीमार कर रहा है इसे बड़ी सरलता से समझाया। अपने वक्तव्य के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ वायु प्रदूषण को कम करने की भी सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में बहुत सारे प्रतिभागियों ने अपने सवाल रखें, जिनका विद्वान वक्ताओं ने संतोषजनक उत्तर देकर तथा उनकी जिज्ञासा शांत कर इस वेबीनार की सफल बनाया।इस कार्यक्रम के आयोजन सचिव के रुप में मंच-संचालन महाविद्यालय की जंतु विभाग की प्राध्यापिका सुश्री मुग्धा कुमारी पांडे ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ.शबाना परवीन मल्लिक के द्वारा दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में वेबीनार आयोजन समिति के सभी सदस्यों की डॉ .रेखा श्रीवास्तव, डॉ. अंबिका श्रीवास्तव, डॉ. शबाना परवीन मल्लिक, डॉ. बबीता वर्धमान, तथा सुश्री नम्रता कुमारी की सराहनीय भूमिका रही।

